केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पंजाब के किसानों से धान पर निर्भरता कम करने और फसल विविधीकरण को अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि फसल विविधीकरण और एकीकृत खेती के जरिए किसान अपनी आय बढ़ाने के साथ-साथ भूजल और मिट्टी की गुणवत्ता का भी संरक्षण कर सकते हैं। शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को खेती के पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ अन्य फसलों और कृषि गतिविधियों को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब में भूजल के गिरते स्तर और मिट्टी की गुणवत्ता को देखते हुए फसल विविधीकरण की दिशा में आगे बढ़ना जरूरी है। उन्होंने कहा कि धान की खेती पर अत्यधिक निर्भरता से प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव बढ़ता है। ऐसे में किसानों को ऐसी फसल प्रणाली अपनाने की जरूरत है, जिससे पानी और मिट्टी का बेहतर संरक्षण हो सके। केंद्रीय मंत्री ने एकीकृत खेती को भी किसानों की आय बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि खेती के साथ अन्य कृषि गतिविधियों को जोड़कर किसान अपनी आमदनी के स्रोत बढ़ा सकते हैं। शिवराज सिंह चौहान ने किसानों से अपील की कि वे कृषि क्षेत्र में उपलब्ध नए विकल्पों और तकनीकों को अपनाएं। इससे न केवल किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी, बल्कि पंजाब के प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जा सकेगा।