परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड के विरोध में मानसा की एक्शन कमेटी के आह्वान पर आज सुबह 11 बजे विधायकों के घरों के बाहर रोष धरना लगाया जाएगा। इस प्रदर्शन को किसान और मजदूर यूनियन का भी समर्थन है। वहीं छठे दिन भी झोटा का अंतिम संस्कार नहीं हो पाया जिससे मानसा और आसपास के इलाकों में तनाव बना हुआ है। इंसाफ संघर्ष कमेटी ने केंद्र सरकार से हत्याकांड और इसके पीछे नशा तस्करों व राजनीतिक गिरोह की सीबीआई जांच करवाने की मांग की है। कमेटी और परविंदर के अभिभावक 20 अक्तूबर को गृह मंत्री अमित शाह से मिलकर इस मामले की सीबीआई जांच की मांग करेंगे। इंसाफ मोर्चे ने सत्ताधारी पार्टी के सांसदों, विधायकों या नेताओं से इस्तीफा देकर धरने में शामिल होने का एलान किया है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री मान को भी उसी तरह कुर्सी छोड़नी चाहिए, जैसे लापरवाही पर पुलिस अधिकारियों को निलंबित किया जाता है। किसान जत्थेबंदियों ने आरोपी अश्वनी कुमार की जायदाद जब्त कर गरीबों में बांटने की मांग की है। झोटा के पिता भीम सिंह ने कहा कि हम केंद्र सरकार को मिलकर हत्याकांड व नशा गिरोह की साजिश व इसके गठजोड़ के अधीन चलते आ रहे नशा नेटवर्क की सीबीआई जांच करवाने की मांग करेंगे। उन्होंने जोर दिया कि सीबीआई जांच के बिना नशा नेटवर्क को तोड़ा नहीं जा सकता। उनका मानना है कि पंजाब सरकार यह बिल्कुल भी नहीं कर सकती। परविंदर की पत्नी मनप्रीत कौर ने सिविल अस्पताल में जयकारे लगाए। झोटा की मां अमरजीत कौर ने मुख्यमंत्री मान पर लापरवाही का आरोप लगाया।