प्रसिद्ध धार्मिक कथावाचक मुरारी बापू सोमवार को सचखंड श्री दरबार साहिब में नतमस्तक हुए। इस दौरान उन्होंने श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेका और गुरबाणी कीर्तन का श्रवण कर आध्यात्मिक आनंद प्राप्त किया। श्री दरबार साहिब में नतमस्तक होने के दौरान उन्होंने मानवता की भलाई, आपसी प्रेम और भाईचारे की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया। मुरारी बापू अपने अमृतसर दौरे के दौरान शहर में आयोजित होने वाले विभिन्न धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेंगे। उनकी आमद को लेकर श्रद्धालुओं और आयोजकों में उत्साह देखने को मिल रहा है। श्री दरबार साहिब की इस यात्रा को धार्मिक सद्भाव, आपसी सहयोग और मानवता के कल्याण की भावना से जोड़कर देखा जा रहा है।