शहर के शासकीय गर्ल्स डिग्री कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष का परीक्षा परिणाम सामने आने के बाद सोमवार को बड़ा हंगामा खड़ा हो गया। परीक्षा में 999 छात्राओं को सप्लीमेंट्री आने से नाराज छात्राओं ने कॉलेज के मुख्य द्वार के बाहर प्रदर्शन किया और धरने पर बैठ गईं। छात्राओं का आरोप है कि इतनी बड़ी संख्या में छात्राओं का सप्लीमेंट्री आना मूल्यांकन में बड़ी गड़बड़ी की ओर इशारा करता है।
परीक्षा परिणाम पर खड़े किए सवाल
जानकारी के मुताबिक, बीए प्रथम वर्ष के घोषित परिणामों में करीब 999 छात्राओं को सप्लीमेंट्री (पूरक परीक्षा) मिली है। परिणाम आते ही कॉलेज परिसर में मायूसी और आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में छात्राएं कॉलेज के बाहर एकत्रित हुईं और नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गईं। छात्राओं का कहना है कि उन्होंने परीक्षा की पूरी तैयारी के साथ पेपर दिए थे, लेकिन इस तरह थोकबंद रूप से सप्लीमेंट्री आना समझ से परे है। उन्होंने कॉलेज प्रबंधन से मांग की है कि उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच (री-टोटलिंग या री-इवैल्यूएशन) कराई जाए, ताकि उनकी मेहनत के साथ न्याय हो सके।
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प्राचार्य ने बनाई जांच टीम
मामले की गंभीरता और छात्राओं के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए कॉलेज प्रशासन हरकत में आया। गर्ल्स डिग्री कॉलेज की प्राचार्य आनंद तिवारी ने तत्काल प्रभाव से एक जांच टीम गठित कर दी है। प्राचार्य आनंद तिवारी का कहना है कि छात्राओं की समस्याओं को गंभीरता से लिया गया है। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक टीम का गठन कर दिया गया है। टीम द्वारा परीक्षा परिणाम और संबंधित उत्तर पुस्तिकाओं के रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी और नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, कॉलेज प्रबंधन द्वारा जांच का आश्वासन दिए जाने के बावजूद छात्राओं का धरना जारी है और वे परिणाम में सुधार की मांग पर अड़ी हुई हैं। स्थिति को देखते हुए कॉलेज परिसर में सुरक्षा के लिहाज से नजर रखी जा रही है।
छात्राओं का हंगामा
छात्राओं का हंगामा