रीवा में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और प्रसूता कल्पना मिश्रा एवं उसके नवजात बच्चे की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर चल रहा कांग्रेस का आंदोलन गुरुवार को उस समय उग्र हो गया, जब प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बन गई। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस दौरान आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं झाबुआ विधायक विक्रांत भूरिया समेत कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
जानकारी के मुताबिक कांग्रेस पिछले कई दिनों से रीवा में न्याय आंदोलन चला रही है। गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी आंदोलन में शामिल होने रीवा पहुंचे। प्रदर्शनकारी अग्रसेन चौराहे से सिरमौर चौराहे की ओर बढ़ रहे थे, जहां कल्पना मिश्रा के पिता अपनी बेटी और नवजात की मौत के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। इसी दौरान पुलिस ने रास्ते में बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया।
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भूरिया की आंख पर चोट
पुलिस के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश की, जिसके बाद धक्का-मुक्की और विवाद की स्थिति बनी। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को पीछे हटाने के लिए आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। कार्रवाई के दौरान विक्रांत भूरिया की आंख में चोट लगने की बात भी सामने आई है। भूरिया ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी ने उनकी आंख पर डंडे से वार किया।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद पुलिस ने विक्रांत भूरिया सहित कई कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया। कांग्रेस ने सरकार और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल से नैतिक आधार पर इस्तीफे की मांग भी दोहराई है।
आंदोलन जारी रहेगा
वहीं, इससे पहले डिप्टी सीएम के आवास के घेराव के दौरान भी पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तनाव की स्थिति बनी थी। उस मामले में पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ प्रकरण दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई थी। रीवा में लगातार बढ़ रहे इस राजनीतिक तनाव के बीच अब विक्रांत भूरिया की गिरफ्तारी ने मामले को और तूल दे दिया है। कांग्रेस का कहना है कि जब तक स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय नहीं होती और पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता, आंदोलन जारी रहेगा।