मुरैना जिले से रक्षाबंधन के दूसरे दिन भुजरिया मेले का एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है। वीडियो में तालाब किनारे दर्जनों लोग बंदूकें लेकर बैठे दिखाई दे रहे हैं और फिर शुरू होती है मटकी फोड़ने की अनोखी प्रतियोगिता... लेकिन यहां मटकी पत्थर या डंडे से नहीं, बल्कि बंदूकों की गोलियों से फोड़ी जा रही है।
मामला जौरा थाना क्षेत्र के परसोटा गांव का बताया जा रहा है। सामने आए वीडियो में करीब 50 से 60 बंदूकधारी नजर आ रहे हैं। कुछ लोग लाइसेंसी बंदूकें लेकर तालाब किनारे बैठे हैं, जबकि तालाब के दूसरी ओर मटकियां रखी गई हैं। इसके बाद एक-एक कर बंदूकधारी निशाना साधते हैं और धड़ाधड़ फायरिंग शुरू हो जाती है। गोली लगते ही मटकी फूटती है और वहां मौजूद ग्रामीण शोर और उत्साह के साथ इसका आनंद लेते दिखाई देते हैं।
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परसोटा गांव में बंदूक से मटकी फोड़ने की यह प्रतियोगिता कोई नई नहीं, बल्कि वर्षों पुरानी स्थानीय परंपरा बताई जा रही है। भुजरिया और रक्षाबंधन के दौरान क्षेत्र के कुछ गांवों में इसे लोकपरंपरा और निशानेबाजी की प्रतियोगिता के रूप में आयोजित किया जाता है। श्योपुर सहित चंबल अंचल के कुछ इलाकों में भी तालाब या नदी के किनारे मटकियां रखकर गोली से निशाना लगाने की परंपरा रही है। लेकिन इस बार वीडियो सामने आने के बाद सवाल उठ खड़े हुए हैं। क्या इतने बड़े आयोजन के लिए प्रशासन से अनुमति ली गई थी? क्या लाइसेंसी हथियारों का इस तरह सार्वजनिक आयोजन में इस्तेमाल नियमों के तहत था? और क्या स्थानीय पुलिस को इस आयोजन की पहले से जानकारी थी?
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आ गई है। जौरा थाना प्रभारी एसआई पंकज यादव के अनुसार पुलिस को प्रतियोगिता का वीडियो मिला है और उसके आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। वीडियो में दिखाई देने वाले लोगों की पहचान की जा रही है। साथ ही आयोजन की अनुमति और हथियारों के उपयोग से जुड़े नियमों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक मुख्यमंत्री जनसंवाद योजना के तहत प्रशासनिक टीम परसोटा गांव पहुंची थी। संभावना जताई जा रही है कि प्रशासनिक अमले के लौटने के बाद यह प्रतियोगिता आयोजित की गई, हालांकि इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल स्थानीय सरपंच और कुछ ग्रामीणों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया है। अब सवाल यही है कि वर्षों पुरानी परंपरा के नाम पर हुई यह निशानेबाजी नियमों के दायरे में थी या कानून का उल्लंघन? जांच पूरी होने के बाद ही इसका जवाब सामने आएगा।