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कलेक्टर की सख्ती: 35 करोड़ के सांदीपनि स्कूल की दीवार खुदवाकर देखी गुणवत्ता, बोतल में रेत-पानी डालकर कराई जांच

Fri, 18 Sep 2026 08:38 PM IST
दमोह ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह

दमोह जिले के हटा में करीब 35 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन सांदीपनि विद्यालय भवन की गुणवत्ता और निर्माण की धीमी गति को लेकर शुक्रवार को प्रशासन सख्त नजर आया। क्षेत्र भ्रमण के दौरान कलेक्टर प्रताप नारायण यादव अचानक निर्माण स्थल पर पहुंचे और मौके पर ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता परखी। जांच के दौरान उन्होंने दीवार के प्लास्टर की खुदाई कराकर अंदर की स्थिति देखी। इसके अलावा टाइल्स, प्लेटफार्म, फर्श और रेलिंग समेत अन्य निर्माण कार्यों का भी निरीक्षण किया।

निर्माण में इस्तेमाल की जा रही रेत की गुणवत्ता पर सवाल उठने के बाद कलेक्टर ने कर्मचारियों से मौके पर ही बोतल में रेत और पानी डालकर जांच कराई। जांच में रेत में मिट्टी की मात्रा अधिक पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताई और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं निर्माण स्थल पर बनी प्रयोगशाला में ताला लगा मिलने पर भी कलेक्टर ने अधिकारियों से सवाल किए।

दीवार का प्लास्टर खुदवाकर देखी निर्माण की गुणवत्ता
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने केवल निर्माण एजेंसी के अधिकारियों से जानकारी लेने के बजाय खुद मौके पर निर्माण की स्थिति देखी। उन्होंने भवन की दीवारों के प्लास्टर की कई जगह से खुदाई कराकर गुणवत्ता की जांच कराई। इसके साथ ही टाइल्स, प्लेटफार्म, फर्श और रेलिंग के काम को भी देखा गया। निरीक्षण के दौरान कुछ निर्माण कार्यों में गुणवत्ता संबंधी कमियां सामने आने पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार कराने के निर्देश दिए।



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बोतल में रेत-पानी मिलाया, मिट्टी की मात्रा अधिक मिली
निर्माण में उपयोग की जा रही रेत की गुणवत्ता जांचने के लिए कलेक्टर ने कर्मचारियों से मौके पर ही रेत और पानी को बोतल में मिलाकर जांच कराई। इस जांच में रेत में मिट्टी की मात्रा अधिक दिखाई दी। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए निर्माण में उपयोग होने वाली सामग्री की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं करने के निर्देश दिए।

लैब में मिला ताला, कलेक्टर ने उठाए सवाल
निर्माण स्थल पर सामग्री की गुणवत्ता जांचने के लिए बनाई गई प्रयोगशाला का भी कलेक्टर ने निरीक्षण किया। इस दौरान लैब में ताला लगा मिला। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों से पूछा कि यदि निर्माण सामग्री की नियमित लैब टेस्टिंग ही नहीं हो रही है तो निर्माण की गुणवत्ता कैसे सुनिश्चित की जाएगी। कलेक्टर ने प्रयोगशाला को नियमानुसार संचालित करने और निर्माण सामग्री की नियमित जांच कराने के निर्देश दिए।

पीआईयू अधिकारियों को लगाई फटकार
निरीक्षण के दौरान पीआईयू के कार्यपालन यंत्री रामानुज विश्वकर्मा और उपयंत्री किशन पीपरे से निर्माण कार्य की जानकारी ली गई। निर्माण में मिली कमियों और निगरानी व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को कलेक्टर की नाराजगी का सामना करना पड़ा। कंसल्टेंसी के उपयंत्री से भी निर्माण से संबंधित जानकारी मांगी गई, लेकिन वे मौके पर पूरी जानकारी नहीं दे पाए। कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य की नियमित निगरानी की जाए और गुणवत्ता में किसी भी तरह की लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदारी तय की जाए।



निर्माण की रफ्तार भी धीमी, स्थायी सब इंजीनियर की होगी व्यवस्था
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने निर्माण कार्य की गति को भी धीमा पाया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। भवन की नियमित निगरानी के लिए स्थायी रूप से एक सब इंजीनियर की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि निर्माण के प्रत्येक चरण की गुणवत्ता की लगातार जांच हो सके। निरीक्षण में कलेक्ट्रेट रेट से कम मजदूरी दिए जाने की बात भी सामने आई। कलेक्टर ने इस मामले में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

2023 में शुरू हुआ था निर्माण, अब तक अधूरा
सांदीपनि विद्यालय भवन का निर्माण वर्ष 2023 में शुरू हुआ था। प्रस्तावित योजना के अनुसार वर्ष 2025 में भवन तैयार कर कक्षाओं का संचालन शुरू किया जाना था, लेकिन एक शिक्षण सत्र बीतने के बाद भी भवन का निर्माण पूरा नहीं हो सका है। करीब 35 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे इस बहुमंजिला भवन में निर्माण की धीमी गति और गुणवत्ता को लेकर अब प्रशासन ने सख्ती दिखाई है।

दिसंबर तक भवन पूरा करने के निर्देश
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने निर्माण एजेंसी को दिसंबर तक भवन का निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए हैं, ताकि नए शिक्षण सत्र से पहले भवन को संबंधित विभाग को हैंडओवर किया जा सके और क्षेत्र के विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि सांदीपनि विद्यालय बच्चों के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है। इसलिए निर्माण में गुणवत्ता, सुरक्षा और समयसीमा का विशेष ध्यान रखा जाना जरूरी है। निर्माण में सामने आई खामियों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।

सरकारी निर्माण में खामी दिखे तो प्रशासन को दें जानकारी
कलेक्टर ने क्षेत्रवासियों से भी अपील की कि उनके आसपास यदि कोई शासकीय निर्माण कार्य चल रहा है और उसमें गुणवत्ता से जुड़ी कोई खामी दिखाई देती है तो इसकी जानकारी प्रशासन को दें। इससे निर्माण कार्य में समय रहते सुधार कराया जा सकेगा और सरकारी राशि से होने वाले कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सकेगी। निरीक्षण के दौरान प्रभारी तहसीलदार उमेश तिवारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

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