एसजीपीजीआई के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. राजीव अग्रवाल, जो इंडो-गल्फ क्रेनियो फेशियल सोसायटी के अध्यक्ष भी हैं, ने बताया कि संस्थान देश में क्रेनियो फेशियल सर्जरी के प्रमुख केंद्रों में शामिल है। इस सर्जरी के जरिए सिर और चेहरे की विभिन्न विकृतियों का इलाज किया जाता है। उन्होंने बताया कि मस्तिष्क की सुरक्षा और बच्चों में जुड़े जोखिमों के कारण क्रेनियो फेशियल सर्जरी बेहद जटिल और चुनौतीपूर्ण होती है। सीधे मरीजों पर युवा सर्जनों को प्रशिक्षण देना जोखिम भरा हो सकता है। इसी को देखते हुए हर वर्ष विशेष वर्कशॉप आयोजित की जाती हैं। वर्कशॉप में खोपड़ी के मॉडल का इस्तेमाल कर सर्जनों को ड्रिलिंग, बोन कटिंग और फिक्सिंग जैसी प्रक्रियाओं की बारीकियां सिखाई जाती हैं। इंडो-गल्फ सोसायटी के तहत ओमान के विशेषज्ञों के सहयोग से भारत और खाड़ी देशों के युवा सर्जनों को क्रेनियो फेशियल सर्जरी की तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।