रविशंकर गुप्ता विद्यालय के नाम पर्याप्त जमीन है और परिसर में लगा सरकारी बोर्ड भी इसकी गवाही देता है, लेकिन बच्चे आज भी महज दो कमरों में बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। यह स्थिति काकोरी ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय गुरुदीनखेड़ा की है। करीब 36 साल पहले स्थापित इस विद्यालय में जमीन होने के बावजूद नए भवन और बाउंड्रीवाल का निर्माण नहीं हो सका है। नतीजतन, कक्षा पांच तक की पढ़ाई दो कमरों में चल रही है। विद्यालय में करीब 80 बच्चे पढ़ते हैं। कमरों की कमी के कारण बच्चों को सीमित जगह में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है। हालात ऐसे हैं कि लंच के समय भी बच्चे उन्हीं कमरों में रहने को मजबूर हैं, जहां उनकी कक्षाएं चलती हैं। खेल मैदान और सुरक्षित परिसर नहीं होने से बच्चों को खुलकर खेलने का मौका भी नहीं मिल पा रहा है।