गोमती नदी का जलस्तर कम होने के बाद चौक स्थित कुड़िया घाट पर सफाई का काम शुरू हो गया है। जलस्तर बढ़ने से घाट के साथ यहां बने मंदिर और दुकानें भी पानी में डूब गए थे। इसके चलते पितृपक्ष के दौरान लोगों को तर्पण के लिए जगह नहीं मिली और उन्हें मजबूरी में सड़क किनारे धार्मिक अनुष्ठान करने पड़े थे। अब पानी घटने के बाद लोग घाट की सफाई में जुट गए हैं, ताकि परिसर को दोबारा इस्तेमाल के लायक बनाया जा सके। हालांकि, घाट की सीढ़ियां और वहां रखी गुमटियां अभी भी पानी में डूबी हुई हैं। इससे घाट पर आने वाले लोगों के लिए खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों के लिए जरूरी है कि घाट की पूरी तरह सफाई कराने के साथ पानी में डूबी सीढ़ियों और गुमटियों की स्थिति का भी आकलन किया जाए, जिससे लोगों को किसी संभावित हादसे से बचाया जा सके।