इटौंजा के बाढ़ प्रभावित गांव सुल्तानपुर बहादुरपुर, हीरा पुरवा और लासा अकड़रिया में ग्रामीणों की मदद के लिए करीब 12 नावों का संचालन किया जा रहा था। इन नावों को चला रहे नाविकों को मजदूरी का भुगतान नहीं मिलने के बाद मंगलवार दोपहर उन्होंने नावों का संचालन बंद कर दिया। नाविकों का कहना है कि बाढ़ के बीच वे लगातार ग्रामीणों को सुरक्षित आने-जाने में मदद कर रहे हैं, लेकिन उन्हें उनकी मजदूरी नहीं मिली है। नाव संचालकों ने मांग की है कि उन्हें भोजन की व्यवस्था के साथ रोजाना की मजदूरी का भुगतान किया जाए। नावों का संचालन बंद होने से बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ग्रामीणों के आवागमन के लिए नावें इस समय प्रमुख साधन बनी हुई हैं।