दिल्ली-एनसीआर में शनिवार देर रात मौसम ने अचानक करवट ले ली। दिनभर की गर्मी के बाद तेज हवाओं, गरज-चमक और हल्की बूंदाबांदी से शुरू हुआ मौसम का बदलाव देर रात झमाझम बारिश और ओलावृष्टि में बदल गया। राजधानी के कई इलाकों में बारिश होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को गर्मी से राहत मिली। ठंडी हवाओं के चलने से मौसम सुहावना हो गया और रात के समय हल्की ठिठुरन भी महसूस होने लगी। दिन में जहां अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, वहीं देर रात बारिश और हवाओं के कारण मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। अचानक बदले मौसम ने लोगों को हैरान कर दिया। गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिली, जबकि कई इलाकों में बारिश के कारण सड़कों पर पानी और ठंडी हवाओं का असर देखने को मिला।
दिल्ली में देर रात हुई ओलावृष्टि ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। रात करीब पौने दो बजे हजरत निजामुद्दीन इलाके में अचानक आसमान से ओले गिरने लगे। देखते ही देखते सड़कों और गलियों में बर्फ के छोटे-छोटे टुकड़े बिखर गए। ओले गिरने की आवाज सुनकर कई लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और सड़कों पर जमा ओलों को देखने लगे। कुछ लोग जमीन पर पड़े ओलों को उठाते और इस अनोखे मौसमी बदलाव को अपने मोबाइल फोन में कैद करते नजर आए। देर रात सड़क से गुजर रहे कुछ वाहन चालकों ने भी ओलावृष्टि के दौरान अपने वाहन किनारे रोक दिए और मौसम सामान्य होने का इंतजार किया। तेज हवाओं, बारिश और ओलों के कारण इलाके में ठंडक बढ़ गई। अचानक हुई इस मौसमी गतिविधि से लोगों को ऐसा महसूस हुआ, मानो मौसम ने कुछ ही मिनटों में अपना मिजाज बदल लिया हो।
मौसम में आए इस बदलाव के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार को आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और दोपहर के समय कुछ स्थानों पर बहुत हल्की बारिश या गरज के साथ बूंदाबांदी होने की संभावना जताई थी। विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, हवा की दिशा पूर्वी रहने और इसकी गति करीब 15 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान था। हालांकि, देर रात हुई तेज बारिश और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि ने मौसम को और अधिक ठंडा बना दिया। बारिश के बाद दिल्ली-एनसीआर में तापमान में गिरावट और ठंडी हवाओं से लोगों को राहत महसूस हुई। दिनभर गर्मी झेलने के बाद रात में मौसम सुहावना हो गया। फिलहाल, लोगों को सलाह है कि मौसम में अचानक बदलाव के दौरान सावधानी बरतें और गरज-चमक के समय खुले मैदानों तथा पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।