भोपाल में मौत में मुंह में जाते शख्स की जान बचाने के लिए पुलिस-प्रशासन के साथ डॉक्टरों और नागरिकों की एकजुटता रंग लाई। हवाई अड्डे से अस्पताल तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया और 13 मिनट में ही 12 किलोमीटर की दूरी तय करके एक ब्रेन डेड शख्स का लीवर मरीज को लगाया गया। इस पूरी प्रक्रिया में शहर के 80 अफसरों ने सहयोग दिया।