गुरुकुल इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 26 सितंबर को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने एक कार्यशाला का आयोजन किया। यह कार्यशाला कहानी-कथन को शिक्षण पद्धति के रूप में अपनाना विषय पर केंद्रित थी। इसका मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को नवीन और प्रभावी शिक्षण-पद्धतियों से परिचित कराना था, जिससे शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया अधिक रोचक और रचनात्मक बन सके। कार्यशाला में रंजना भारद्वाज और आरती वर्मा ने संसाधन व्यक्तियों के रूप में भाग लिया। उन्होंने शिक्षकों को कहानी-कथन की विभिन्न तकनीकों और प्रभावी तरीकों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि कहानी केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों में कल्पनाशक्ति, रचनात्मकता और भाषा-कौशल विकसित कर सकती है। संसाधन व्यक्तियों ने अभिव्यक्ति-कौशल, चिंतन-क्षमता और विषय की समझ बढ़ाने में कहानी के महत्व पर जोर दिया। कार्यशाला के समापन पर विद्यालय की प्रधानाचार्य सागरिका बख्शी ने संसाधन व्यक्तियों और सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।