शांत वादियों, चीड़ के घने जंगलों और खूबसूरत पहाड़ी नजारों के लिए मशहूर पर्यटन नगरी कसौली में रविवार को पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ी। सप्ताहांत की छुट्टी और खुशवंत सिंह लिटरेरी फेस्टिवल के समापन के चलते शहर में दिनभर रौनक बनी रही। मैदानी इलाकों से बड़ी संख्या में पहुंचे सैलानियों के कारण माल रोड, हेरिटेज मार्केट और लोअर माल पर पर्यटकों की चहल-पहल देखने को मिली। कसौली क्लब में आयोजित खुशवंत सिंह लिटरेरी फेस्टिवल का अंतिम दिन पर्यटकों और साहित्य प्रेमियों के लिए खास रहा। देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे साहित्य प्रेमियों, बुद्धिजीवियों और युवाओं की मौजूदगी से पर्यटन नगरी का माहौल जीवंत नजर आया। कार्यक्रम में शामिल होने के बाद कई पर्यटक माल रोड, हेरिटेज मार्केट और लोअर माल की सैर करते दिखाई दिए। वीकेंड की छुट्टी और साहित्यिक आयोजन के एक साथ पड़ने से कसौली में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ गई। पर्यटकों की बढ़ती आमद का असर स्थानीय पर्यटन कारोबार पर भी देखने को मिला। धरमपुर-कसौली मार्ग, गढ़खल और आसपास के क्षेत्रों में होटल, रिजॉर्ट और होमस्टे में अच्छी मांग रही। खबर के अनुसार, कई स्थानों पर ठहरने की व्यवस्था पूरी तरह बुक रही, जबकि बिना अग्रिम बुकिंग पहुंचे पर्यटकों को कमरे तलाशने में परेशानी हुई। स्थानीय पर्यटन कारोबारियों के लिए यह सप्ताहांत व्यस्त रहा। पर्यटकों की संख्या बढ़ने से खानपान, ठहरने और स्थानीय परिवहन से जुड़े कारोबार को भी फायदा मिला। कसौली में पर्यटकों की बढ़ी आवाजाही से टैक्सी कारोबार में भी तेजी देखने को मिली। चंडीगढ़, कालका और धर्मपुर से पर्यटकों का आना-जाना लगातार जारी रहा। स्थानीय टैक्सी कारोबारी जॉनी ने बताया कि इस सप्ताहांत कसौली में उम्मीद से अधिक पर्यटक पहुंचे। लिट फेस्ट के कारण बाहरी राज्यों से आने वाले साहित्य प्रेमियों और युवाओं की संख्या अधिक रही, जिससे टैक्सियों की मांग बढ़ी। उन्होंने कहा कि लंबे समय बाद कारोबार में ऐसी तेजी देखने को मिली है। पर्यटकों की भारी आमद के बीच यातायात व्यवस्था पर भी दबाव देखने को मिला। धर्मपुर-कसौली मार्ग और गढ़खल जंक्शन पर दिनभर रुक-रुककर जाम लगता रहा। संकरी पहाड़ी सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लगने से चालकों और पर्यटकों को परेशानी हुई। यातायात सुचारू बनाए रखने के लिए पुलिस कर्मियों को मशक्कत करनी पड़ी। एक ओर जहां पर्यटकों की भीड़ से स्थानीय कारोबार को गति मिली, वहीं दूसरी ओर बढ़ते यातायात ने पहाड़ी पर्यटन स्थलों पर बेहतर यातायात प्रबंधन की जरूरत भी सामने रखी। वीकेंड पर पर्यटकों की भारी आवाजाही से स्थानीय कारोबारियों में आगामी सर्दियों के पर्यटन सीजन को लेकर उम्मीद जगी है। कसौली जैसे लोकप्रिय हिल स्टेशन में साहित्यिक आयोजनों और छुट्टियों के दौरान पर्यटकों की आवाजाही होटल, टैक्सी और अन्य स्थानीय व्यवसायों के लिए महत्वपूर्ण रहती है। रविवार की भीड़ ने एक बार फिर दिखाया कि पर्यटन और सांस्कृतिक आयोजन स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।