तारिणी राजकीय स्नातकोत्तर संस्कृत महाविद्यालय में 14 और 15 सितंबर को आयोजित दो दिवसीय हिंदी पखवाड़ा कार्यक्रम संपन्न हो गया। इस दौरान हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में विभिन्न साहित्यिक और भाषायी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के समापन सत्र में एचपीयू के हिंदी विभाग से सेवानिवृत्त प्रोफेसर रामनाथ मेहता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। हिंदी जगत के सुविख्यात साहित्यकार और समीक्षक प्रोफेसर बलदेव सिंह ठाकुर विशिष्ट अतिथि के तौर पर शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रमेश शर्मा ने की। हिंदी विभाग की प्रो. डॉ. आशा शर्मा ने इसका सफल संयोजन किया। मुख्य अतिथि रामनाथ मेहता ने कहा कि हिंदी केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, संवेदना और पहचान से जुड़ी भाषा है। उन्होंने विद्यार्थियों को दैनिक जीवन और शिक्षा के क्षेत्र में हिंदी का अधिक प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया। विशिष्ट अतिथि बलदेव सिंह ठाकुर ने हिंदी साहित्य की समृद्ध परंपरा और उसके व्यापक प्रभाव पर प्रकाश डाला। प्राचार्य डॉ. रमेश शर्मा ने ऐसे आयोजनों को विद्यार्थियों में भाषा और साहित्य के प्रति रुचि विकसित करने वाला बताया। समापन सत्र को संबोधित करते हुए प्रो. रामनाथ मेहता ने हिंदी के महत्व पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि हिंदी हमारी संस्कृति, संवेदना और पहचान से भी जुड़ी हुई है। प्रोफेसर बलदेव सिंह ठाकुर ने हिंदी साहित्य की समृद्ध परंपरा और उसके व्यापक प्रभाव पर प्रकाश डाला।