सिरमौर जिले में वन विभाग के कर्मचारियों के सामने स्टाफ की कमी बड़ी चुनौती बनती जा रही है। नाहन में रविवार को आयोजित वन विभाग के कर्मचारियों के अधिवेशन में वन रक्षकों के रिक्त पदों और कर्मचारियों पर बढ़ते काम के बोझ का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। कर्मचारियों ने कहा कि सीमित स्टाफ के कारण फील्ड में तैनात कर्मचारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारियां संभालनी पड़ रही हैं। जिला परिषद हॉल नाहन में आयोजित अधिवेशन में सिरमौर जिले के विभिन्न क्षेत्रों से सैकड़ों वन कर्मचारियों ने भाग लिया। इस दौरान वन रक्षकों के खाली पदों, कर्मचारियों पर बढ़ते अतिरिक्त कार्यभार, लंबे समय से लंबित पदोन्नति और सहायक वन रक्षक भर्ती प्रक्रिया समेत कई मांगों और समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई। अनवर चौहान बने नाहन सर्कल कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अधिवेशन के दौरान नाहन वन सर्कल कर्मचारी संघ की नई कार्यकारिणी का गठन भी सर्वसम्मति से किया गया। इसमें अनवर चौहान को अध्यक्ष चुना गया। नवनियुक्त अध्यक्ष अनवर चौहान ने कहा कि नाहन सर्कल सहित प्रदेश के कई क्षेत्रों में वन रक्षकों के सैकड़ों पद खाली चल रहे हैं। इसका सीधा असर फील्ड में काम कर रहे कर्मचारियों पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सीमित संख्या में कर्मचारी होने के बावजूद वन विभाग का फील्ड स्टाफ जंगलों की सुरक्षा और विभाग से जुड़ी अन्य जिम्मेदारियां पूरी कर रहा है। कर्मचारियों की संख्या कम होने के कारण काम का दबाव लगातार बढ़ रहा है। कर्मचारियों ने लंबे समय से लंबित पदोन्नति का मुद्दा भी उठाया। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि लंबे समय से सेवाएं देने के बावजूद कई कर्मचारियों को समय पर पदोन्नति का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है। अनवर चौहान ने कहा कि रिक्त पदों को भरने के साथ-साथ पदोन्नति प्रक्रिया को भी समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाना चाहिए, ताकि कर्मचारियों को उनका अधिकार समय पर मिल सके। अधिवेशन में सहायक वन रक्षक भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी चर्चा हुई। कर्मचारियों ने कहा कि फील्ड स्टाफ की कमी के बीच मौजूदा कर्मचारियों पर लगातार अतिरिक्त जिम्मेदारियां डाली जा रही हैं। ऐसे में विभाग में खाली पदों को जल्द भरना जरूरी है। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि वन क्षेत्रों की सुरक्षा और विभागीय कामकाज को प्रभावी ढंग से चलाने के लिए पर्याप्त संख्या में फील्ड कर्मचारी होना जरूरी है। अनवर चौहान ने कहा कि कर्मचारियों की लंबित मांगों और समस्याओं को जल्द सरकार तथा वन विभाग के उच्च अधिकारियों के समक्ष उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान समय रहते होना चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि यदि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती है तो कर्मचारी संगठन आगे की रणनीति तय करेगा।