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मंडी: आपदा के बाद सराज के युवाओं ने थामी किताबें, 250 रुपये में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का सहारा बना 'अपना पुस्तकालय'

2025 की आपदा में भारी नुकसान झेलने के बाद सराज के युवाओं ने अब अपने भविष्य को संवारने के लिए किताबों का सहारा थाम लिया है। थुनाग के लघु सचिवालय में शुरू किया गया ‘अपना पुस्तकालय सराज’ ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का नया ठिकाना बन गया है। खास बात यह है कि युवाओं को यहां बेहतर अध्ययन सुविधाओं के लिए भारी रकम खर्च नहीं करनी पड़ रही है। महज 250 रुपये वार्षिक शुल्क में उन्हें पुस्तकें, इंटरनेट, कंप्यूटर और पढ़ाई के लिए शांत वातावरण जैसी सुविधाएं मिल रही हैं। एक अगस्त से शुरू हुए इस पुस्तकालय की सदस्यता अब तक करीब 56 युवा ले चुके हैं। इनमें 20 से अधिक युवा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। पुस्तकालय में प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित करीब 600 पुस्तकें उपलब्ध हैं। इसके अलावा स्थानीय लोगों ने करीब 200 पुस्तकें दान की हैं। इससे युवाओं को एक ही स्थान पर अलग-अलग परीक्षाओं की तैयारी के लिए अध्ययन सामग्री उपलब्ध हो रही है। पुस्तकालय में वाई-फाई, इंटरनेट, कंप्यूटर और प्रिंटआउट की सुविधा भी दी जा रही है। पढ़ाई के लिए शांत वातावरण के साथ ओपन कैफे की सुविधा भी युवाओं को आकर्षित कर रही है। ‘अपना पुस्तकालय सराज’ की स्थापना पर करीब 13.75 लाख रुपये खर्च हुए हैं। पुस्तकालय सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक खुला रहता है। अवकाश के दिनों में भी युवाओं के लिए इसकी सुविधा उपलब्ध रहती है। पाठकों को पुस्तकें दो सप्ताह के लिए जारी की जाती हैं, जिससे अधिक से अधिक युवा उपलब्ध अध्ययन सामग्री का इस्तेमाल कर सकें। लम्बाथाच निवासी सरिता ठाकुर ने बताया कि पहले उन्हें निजी पुस्तकालय की सदस्यता के लिए हर महीने 900 रुपये खर्च करने पड़ते थे। अब ‘अपना पुस्तकालय’ में सिर्फ 250 रुपये वार्षिक शुल्क देकर पढ़ाई की सुविधा मिल रही है। थुनाग निवासी कविता ठाकुर ने बताया कि घर में पढ़ाई के लिए उचित माहौल नहीं मिल पाता था। ऐसे में पुस्तकालय का शांत वातावरण और ओपन कैफे की सुविधा पढ़ाई में काफी उपयोगी साबित हो रही है। खलवाड़ की नीलम ठाकुर यूजीसी-नेट की तैयारी कर रही हैं। उन्होंने बताया कि पुस्तकालय में इंटरनेट, कंप्यूटर और प्रिंटआउट की सुविधा होने से उन्हें परीक्षा की तैयारी में काफी मदद मिल रही है। वहीं विजय ठाकुर पटवारी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। ज्यूणी की उर्मिला चौहान ने भी पुस्तकालय में उपलब्ध अध्ययन माहौल को बेहतर बताया। एसडीएम थुनाग संजीत शर्मा ने कहा कि करसोग से शुरू हुई पुस्तकालय की पहल अब अभियान का रूप ले चुकी है। सराज में इसकी शुरुआत से दूरदराज क्षेत्रों के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए घर के नजदीक बेहतर संसाधन उपलब्ध हुए हैं। आपदा से प्रभावित क्षेत्र में शुरू हुआ यह पुस्तकालय युवाओं के लिए सिर्फ किताबों और इंटरनेट की सुविधा नहीं, बल्कि अपने भविष्य को बेहतर बनाने का एक नया रास्ता बन रहा है।

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