निर्माणाधीन मंडी-धर्मपुर एनएच-003 में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और संबंधित कंपनियों की जवाबदेही को लेकर प्रोफेसर एवं समाजसेवी अनुपमा सिंह ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने मंडी में पत्रकारवार्ता के दौरान कहा कि यदि सूर्या कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया गया है और उसके भुगतान को लेकर न्यायालय के आदेश हैं, तो इसके बावजूद एनएच-003 पर कंपनी से जुड़े काम कैसे हो रहे हैं, इसकी स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। उन्होंने कोटली क्षेत्र में सड़क के साथ बने करीब 100 फीट लंबे डंगे का 50 से 60 फीट हिस्सा गिरने की घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि गनीमत रही कि डंगे के नीचे कोई मकान नहीं था। ऐसी स्थिति में लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। अनुपमा सिंह ने सवाल उठाया कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच कौन कर रहा है और जांच की रिपोर्ट कहां तैयार होती है। उन्होंने कहा कि यदि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच की जा रही है तो इसकी रिपोर्ट जनता के सामने क्यों नहीं लाई जा रही है। उन्होंने मांग की कि निर्माणाधीन और बन चुके सड़क हिस्सों की गुणवत्ता जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए, ताकि लोगों को निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सके। उन्होंने मंडी से तल्याहड़ और तल्याहड़ से कोटली तक सड़क की स्थिति का भी जिक्र किया। उनके अनुसार सड़क की स्थिति को देखकर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठते हैं। उन्होंने करीब 1540 करोड़ रुपये की परियोजना लागत का जिक्र करते हुए कहा कि इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बाद लोगों को सुरक्षित और निर्धारित मानकों के अनुरूप सड़क मिलनी चाहिए। प्रोफेसर अनुपमा सिंह ने कहा कि उन्होंने इस मामले को लेकर न्यायालय का भी रुख किया है। उनके अनुसार न्यायालय से संबंधित कंपनी को भुगतान को लेकर आदेश आए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि एनएचएआई की ओर से कंपनी को ब्लैकलिस्ट किए जाने की बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों में संबंधित कंपनी की वर्तमान भूमिका और एनएच-003 पर उसके काम की स्थिति स्पष्ट करना एनएचएआई और संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी है। अनुपमा सिंह ने केंद्र सरकार, एनएचएआई, संबंधित निर्माण कंपनियों और राज्य सरकार से निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग की। उन्होंने कहा कि यह मामला किसी चुनावी राजनीति का नहीं, बल्कि एनएच-003 पर रोजाना सफर करने वाले लोगों की सुरक्षा से जुड़ा है।