जोगिंद्रनगर के हर्बल गार्डन स्थित क्षेत्रीय सह सुविधा केंद्र (आरसीएफसी) को सोलन स्थानांतरित करने के फैसले के खिलाफ लोगों का आंदोलन थमने का नाम नहीं ले रहा है। आरसीएफसी बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले 13 अगस्त से शुरू हुआ आंदोलन अब 41वें दिन में पहुंच गया है। केंद्र की शिफ्टिंग के विरोध में 20 अगस्त से शुरू हुई क्रमिक भूख हड़ताल भी लगातार जारी है। हर दिन क्षेत्र के लोग इसमें शामिल होकर अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। संघर्ष समिति की बैठक में आंदोलन को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। समिति के अनुसार आयुष मंत्रालय की ओर से अगले एक-दो दिन में बैठक के लिए आमंत्रण मिलने पर 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल दिल्ली जाएगा। यह प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय आयुष मंत्री के समक्ष जोगिंद्रनगर को आरसीएफसी के लिए उपयुक्त स्थान बताते हुए सोलन शिफ्टिंग का निर्णय रद्द करने की मांग रखेगा। प्रतिनिधिमंडल केवल जोगिंद्रनगर की बात ही नहीं रखेगा, बल्कि आसपास के जिलों के लोगों की भावनाओं से भी मंत्रालय को अवगत करवाएगा। समिति के मुताबिक प्रतिनिधिमंडल मंडी, कांगड़ा, चंबा, हमीरपुर और ऊना जिलों की जनता की भावनाओं को भी केंद्रीय आयुष मंत्री के सामने रखेगा। समिति का कहना है कि आरसीएफसी को जोगिंद्रनगर में बनाए रखना क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है और इसी मांग को लेकर आंदोलन जारी रखा जाएगा। आरसीएफसी बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष गुरुशरण परमार, संयोजक कुशाल भारद्वाज और महासचिव अजय ठाकुर समेत अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि जब तक केंद्र को सोलन शिफ्ट करने की अधिसूचना रद्द नहीं होती, तब तक क्रमिक भूख हड़ताल जारी रहेगी। यानी अब आंदोलनकारियों ने साफ कर दिया है कि दिल्ली में होने वाली बैठक को इस संघर्ष की अगली बड़ी कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। आंदोलन के 41वें दिन चार लोगों ने क्रमिक भूख हड़ताल की जिम्मेदारी संभाली। रोपड़ी कलेहड़ू पंचायत से नागेश राणा, राहुल परमार और अनिल कुमार भूख हड़ताल पर बैठे, जबकि योरा पंचायत से विवेक राणा ने भी मोर्चा संभाला। वहीं महासचिव अजय ठाकुर ने पिछले दिन भूख हड़ताल पर बैठे ऐहजू पंचायत प्रधान बीरबल वर्मा, उपप्रधान संजय भंगालिया, ट्रांसपोर्टर नेक राम वालिया और सेवानिवृत्त संसार चंद जमवाल को रिलीव किया। धरने और क्रमिक भूख हड़ताल के दौरान संघर्ष समिति से जुड़े पदाधिकारी और क्षेत्र के लोग लगातार मौजूद रहे। इस दौरान समिति के संयोजक कुशाल भारद्वाज, सलाहकार कांशी राम वर्मा, शुभ राय धरवाल, पान सिंह ठाकुर, राज बंसल और कृष्ण सिंह मौजूद रहे। अब सभी की नजर आयुष मंत्रालय की प्रस्तावित बैठक पर है। यदि प्रतिनिधिमंडल को दिल्ली बुलाया जाता है तो जोगिंद्रनगर से 11 सदस्यीय दल वहां जाकर आरसीएफसी की शिफ्टिंग रोकने की मांग को सीधे केंद्रीय आयुष मंत्री के सामने रखेगा।