भाजपा विधायक इंद्र सिंह गांधी ने मंडी में अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं एवं विद्यार्थियों के साथ कथित धक्कामुक्की और बलप्रयोग की घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें उठाना हर नागरिक और छात्र का अधिकार है, लेकिन सरकार ने छात्रों की आवाज सुनने के बजाय उनके साथ बल प्रयोग का रास्ता अपनाया, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। इंद्र सिंह गांधी ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए सरदार पटेल विश्वविद्यालय, मंडी की स्थापना की थी। इंद्र सिंह गांधी ने चेतावनी देते हुए कहा कि युवा शक्ति की आवाज को डंडे के बल पर दबाया नहीं जा सकता। सरकार को युवाओं की मांगों को गंभीरता से सुनना होगा। छात्रों और युवाओं के साथ किया जा रहा भेदभाव आने वाले समय में सरकार के लिए राजनीतिक रूप से भारी पड़ेगा।