बच्चे रटने की मशीन न बने। इस बात का नई शिक्षा नीति में ध्यान रखा जा रहा है। बच्चों के कौशल को बढ़ाने पर फोकस है, ताकि उन्हें अगर भविष्य में सरकार सेक्टर में नौकरी न मिले। ऐसे में वह स्वयं के स्वरोजगार तैयार कर पाए और अन्य युवाओं को रोजगार देने में सक्षम बने। इसके तहत कार्य किया जा रहा है। यह बात हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष राजेश शर्मा ने कुल्लू में कही। बोर्ड के अध्यक्ष कुल्लू प्रवास पर हैं और शनिवार को उन्होंने जिला मुख्यालय में स्थित ननी विद्यालय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय साईं स्टार ढालपुर में विद्यार्थियों के साथ ववाद किया। बच्चों से उन्होंने शिक्षा संबंधी जानकारी जुटाई इसके बाद शिक्षकों से भी फीडबैक लिया।