हिमाचल भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने कांग्रेस सरकार पर मुख्यमंत्री कार्यालय को आलीशान बनाने के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च करने का आरोप लगाया है। हमीरपुर में प्रेसवार्ता में राणा ने दावा किया कि मुख्यमंत्री कार्यालय को नया रूप देने पर 50 से 70 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कंसल्टेंसी के नाम दिल्ली की एक निजी फॉर्म को करोड़ों रुपये दिए जा रहे हैं और एक-एक पर्दे पर हजारों रुपये और टेबल पर लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। राणा ने आरोप लगाया कि इसी कंसल्टेंसी फर्म को हमीरपुर, नादौन समेत प्रदेशभर में कई परियोजनाओं के काम दिए गए हैं और अब तक उसे 50 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने सवाल उठाया कि लोक निर्माण विभाग की वास्तु शाखा का इस्तेमाल सरकार क्यों नहीं कर रही है। क्या विभाग में कंसल्टेंसी के लिए योग्य अधिकारी नहीं हैं? उन्होंने कहा कि पिछले 51 वर्षों में प्रदेश पर करीब 68 हजार करोड़ रुपये का कर्ज था, जबकि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में इसमें करीब 44 हजार करोड़ रुपये की और बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कर्ज की किस्तें चुकाने के लिए भी नया कर्ज ले रही है।