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यमुनानगर: मां को बचाने के लिए तालाब में कूदा बेटा, मां की जान बचाई, खुद डूबने से मौत

अष्टमी पर पूजा का सामान प्रवाहित करते समय हुआ हादसा, दो घंटे की तलाश के बाद मिला शुभम का शव; दो साल पहले पिता की भी हो चुकी है मौत यमुनानगर। मां की जान बचाने के लिए एक बेटे ने अपनी जान दांव पर लगा दी। मां को तालाब में डूबता देख युवक ने बिना अपनी जान की परवाह किए पानी में छलांग लगा दी और काफी मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि, मां को बचाने की कोशिश में बेटा खुद तालाब में बने गहरे गड्ढे में फंस गया और पानी में डूबने से उसकी मौत हो गई। करीब दो घंटे तक चले तलाशी अभियान के बाद गोताखोरों ने युवक को तालाब से बाहर निकाला। परिजन उसे तुरंत जगाधरी सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद से गांव में शोक की लहर है। हृदयविदारक हादसा यमुनानगर के मुरादपुर गांव में रविवार शाम को हुआ। मृतक की पहचान 28 वर्षीय शुभम के रूप में हुई है। वह अपनी मां सुनीता के साथ अष्टमी के अवसर पर पूजा का सामान प्रवाहित करने के लिए गांव के तालाब पर गया था। पूजा के दौरान अचानक हुए इस हादसे ने परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। मां का पैर फिसला तो बचाने के लिए लगाई छलांग ग्रामीण अनिल कुमार के अनुसार, रविवार शाम करीब सात बजे शुभम अपनी मां सुनीता के साथ तालाब में पूजा का सामान प्रवाहित करने पहुंचा था। उसकी मां तालाब के किनारे खड़ी होकर पानी में पूजा का सामान डाल रही थी। इसी दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और पैर फिसलने से वह तालाब में गिर गई। मां को पानी में डूबता देख शुभम ने एक पल की भी देर नहीं की और उसे बचाने के लिए तालाब में छलांग लगा दी। उसने काफी मशक्कत के बाद अपनी मां को सुरक्षित किनारे तक पहुंचा दिया। मां की जान बचाने में वह सफल तो हो गया, लेकिन खुद तालाब में बने गहरे गड्ढे में फंस गया। पानी अधिक गहरा होने के कारण वह बाहर नहीं निकल सका और डूब गया। दो घंटे तक चला तलाश अभियान शुभम के तालाब में डूबने की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। इसके बाद डायल 112 की टीम और गोताखोरों को बुलाया गया। गोताखोरों ने तालाब में युवक की तलाश शुरू की। करीब दो घंटे तक चले तलाशी अभियान के बाद शुभम को तालाब से बाहर निकाला गया। परिजन उसे लेकर तुरंत जगाधरी सिविल अस्पताल पहुंचे, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने के बाद ग्रामीण भी अस्पताल पहुंचे और परिवार को सांत्वना दी। दो साल पहले पिता की भी हो चुकी है मौत शुभम एक फैक्ट्री में काम करता था। वह दो भाइयों में छोटा था और अभी अविवाहित था। करीब दो साल पहले उसके पिता की भी मौत हो चुकी थी। अब परिवार ने जवान बेटे को भी खो दिया है। मां की जान बचाने के लिए अपनी जिंदगी कुर्बान करने वाले शुभम की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। तालाब के किनारे सुरक्षा इंतजाम नहीं होने का आरोप हादसे के बाद परिजनों ने गांव के तालाब के किनारे सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि तालाब के आसपास सुरक्षा के उचित प्रबंध होते तो इस तरह के हादसे को टाला जा सकता था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जगाधरी सिविल अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया है। सोमवार को शव का पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा।

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