यमुनानगर। लाल द्वारा के मुख्य गेट के पास स्थित ओला एजेंसी के बाहर सोमवार को ई-बाइक की खराबी से परेशान लोगों ने प्रदर्शन कर रोष जताया। पीड़ितों का आरोप है कि कंपनी की ई-बाइक खरीदने के बाद बार-बार खराब होने की समस्या सामने आ रही है। एजेंसी में शिकायत करने पर कर्मचारियों और मैनेजर की ओर से केवल आश्वासन दिया जाता है। उनका कहना है कि बाइक ठीक होने में दो से तीन महीने तक लग जाते हैं। सबसे बड़ी परेशानी बाइक के स्टार्ट होने की बनी हुई है। चलते समय अचानक ई-बाइक बंद हो जाने से उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है। विकास मल्होत्रा ने बताया कि उन्होंने अपनी पुरानी बाइक बेचकर ओला कंपनी की ई-बाइक खरीदी थी। खरीदने के बाद से ही बाइक में स्टार्ट होने की समस्या बनी हुई थी। इस बारे में कंपनी के कर्मचारियों, अधिकारियों और मैकेनिक को कई बार बताया गया। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ और बाइक में दोबारा कई तरह की खराबियां आने लगीं। इससे उनका काम भी प्रभावित होने लगा। उनकी ई-बाइक पिछले करीब दो महीने से एजेंसी में खड़ी है। उन्हें बाइक का पार्ट आने की बात कहकर लगातार टाला जा रहा है। दिन में कई बार एजेंसी में संपर्क करने के बावजूद संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा रहा था। इसके चलते उन्हें धरना देने के लिए मजबूर होना पड़ा। धरना दे रहे लोगों के बीच अमन नामक युवक भी अपनी ई-बाइक लेकर एजेंसी पहुंचा। उसने ऑटो में बाइक लदवाई और सहारनपुर लेकर जाने की बात कही। अमन ने आरोप लगाया कि वह कई बार एजेंसी के चक्कर लगा चुका है, लेकिन बाइक ठीक नहीं हो पाई। अब वह अपने खर्च पर बाइक सहारनपुर लेकर जा रहा है। उसका आरोप है कि एजेंसी की ओर से बाइक ठीक करवाने की कोई जिम्मेदारी नहीं ली जा रही। मौके पर पहुंचे इंद्रमोहन, उपदेश, बोबी खुराना और सुंदर चौहान आदि ने भी ई-बाइक में आ रही समस्याओं को लेकर रोष जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी के स्पेयर पार्ट मिलने में काफी दिक्कत हो रही है। चलते-चलते बाइक बंद हो जाना आम समस्या बन गई है। कई बार खराब बाइक को किसी अन्य वाहन से एजेंसी तक पहुंचाना पड़ता है, लेकिन उसे ठीक होने में भी महीनों लग जाते हैं। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कंपनी से ई-बाइकों की खराबी दूर करने, स्पेयर पार्ट उपलब्ध कराने और शिकायतों का जल्द समाधान करने की मांग की। उनका कहना था कि महंगे वाहन खरीदने के बाद भी यदि उपभोक्ताओं को बार-बार एजेंसी के चक्कर लगाने पड़ें तो यह गंभीर परेशानी है।