प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने अपने 12 वर्षों के कार्यकाल को जनकल्याण, विकास और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प का दौर बताया है। सरकार द्वारा जारी उपलब्धियों के अनुसार स्वच्छ भारत मिशन के तहत 12.11 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण किया गया और देश को खुले में शौच से मुक्त घोषित किया गया। जल जीवन मिशन के माध्यम से 15.85 करोड़ घरों तक नल से जल पहुंचाया गया, जबकि उज्ज्वला योजना के तहत 10.57 करोड़ महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन दिए गए। स्वास्थ्य क्षेत्र में आयुष्मान भारत योजना के तहत 44.09 करोड़ आयुष्मान कार्ड जारी किए गए और 12.03 करोड़ अस्पताल भर्ती का खर्च कवर किया गया। महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लखपति दीदी, मुद्रा योजना, सुकन्या समृद्धि योजना और नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसी पहलें लागू की गईं। किसानों को पीएम-किसान के जरिए 4.28 लाख करोड़ रुपये से अधिक की सहायता सीधे खातों में भेजी गई, जबकि फसल बीमा योजना के तहत 1.96 लाख करोड़ रुपये के दावे दिए गए। सरकार का दावा है कि देश की जीडीपी 106.57 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 346.36 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। रेलवे, राष्ट्रीय राजमार्ग, मेट्रो और नागरिक उड्डयन के क्षेत्र में रिकॉर्ड निवेश हुआ है। रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता बढ़ी है और भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बनकर उभरा है। चंद्रयान-3 की सफलता और डिजिटल भुगतान प्रणाली यूपीआई की वैश्विक पहचान को भी सरकार ने अपनी बड़ी उपलब्धियों में शामिल किया है। सरकार का कहना है कि ये आंकड़े केवल उपलब्धियां नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों के जीवन में आए बदलाव की कहानी हैं। जनकल्याण से लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा और आधारभूत ढांचे के विकास तक, बीते 12 वर्षों में विकसित भारत की मजबूत नींव रखी गई है।