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टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामला: दादी बोलीं- बार-बार समझाया, फिर भी नहीं माना कुणाल

अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़े फायरिंग मामले की जांच में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल सोनीपत के गांव रोहणा तक पहुंची। टीम हथियार सप्लाई करने के आरोप में गांव निवासी कुणाल (21) को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई। उसके साथ खरखौदा के वार्ड-10 निवासी दोस्त सुमित को भी ले जाया गया है। कुणाल की दादी माया देवी ने बताया कि वह उसे बार-बार समझाती थीं, लेकिन उसने बात नहीं मानी। पुलिस अब दोनों युवकों के आपराधिक रिकॉर्ड और हथियारों की सप्लाई से जुड़े कथित नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही है। जानकारी के अनुसार कुणाल की पहचान हरसाना गांव के एक युवक के माध्यम से अनिल पंडित से हुई थी। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले गोली चलाने के एक मामले में जेल जाने के बाद जमानत पर बाहर आए कुणाल ने अनिल पंडित के संपर्क में आने के बाद उससे एन्क्रिप्टेड एप के जरिये बातचीत शुरू की। आरोप है कि अनिल पंडित के निर्देश पर कुणाल ने सुमित के साथ मिलकर पंजाब के अमृतसर से एक पिस्तौल और 20 कारतूस जुटाए थे। जांच एजेंसियां हथियारों की खरीद, उनकी सप्लाई और इस पूरे घटनाक्रम में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं। दो युवतियों के जरिये ट्रेन से मुंबई पहुंचाए गए हथियार इस मामले में उत्तर प्रदेश की रहने वाली राधा (23) और बबीता (24) को भी गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि दोनों युवतियों ने ट्रेन के जरिये पिस्तौल मुंबई पहुंचाई थी। राधा उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के मिश्रिख थाना क्षेत्र के गांव नहवैया की रहने वाली बताई जा रही है, जबकि बबीता आजमगढ़ जिले के कोठियार गांव की निवासी है। जांच में दोनों के बहालगढ़ में किराये पर रहने की जानकारी भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि कुणाल की पहचान राधा से थी और राधा ही बबीता को अपने साथ लेकर गई थी। पुलिस दोनों युवतियों के संपर्कों और हथियारों को मुंबई तक पहुंचाने में उनकी कथित भूमिका की जानकारी जुटा रही है। होटल में नौकरी करता था कुणाल, दसवीं तक की है पढ़ाई कुणाल दसवीं पास है और होटल में नौकरी करता था। उसके माता-पिता रोहतक के सांपला से आगे निजी कंपनी में काम करते हैं। दादी माया देवी के अनुसार वह उसे कई बार गलत रास्ते पर चलने से रोकने और समझाने का प्रयास कर चुकी थीं, लेकिन उसने उनकी बात नहीं मानी। दादी ने यह भी बताया कि कुणाल पहले भी एक मामले में जेल जा चुका था। परिवार के मुताबिक कुछ समय पहले वह सड़क हादसे का शिकार हुआ था, जिसमें उसके सिर में गंभीर चोट आई थी। पानीपत में भी फायरिंग के मामले की जानकारी जुटा रही पुलिस कुणाल के संबंध में पानीपत में भी फायरिंग की एक वारदात में संलिप्तता की जानकारी सामने आने की बात कही जा रही है। हालांकि, इस मामले में उसकी भूमिका की आधिकारिक पुष्टि और विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। पुलिस उसके पुराने आपराधिक मामलों, संपर्कों और अन्य संभावित गतिविधियों की पड़ताल कर रही है। सिर में चोट होने के बावजूद स्पेशल सेल की टीम उसे पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई। जांच का मुख्य फोकस हथियारों की व्यवस्था करने, उन्हें मुंबई तक पहुंचाने और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने पर है।

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