आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स यूनियन के आह्वान पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायकों ने अपनी 16 सूत्रीय मांगों को लेकर गोहाना रोड स्थित लघु सचिवालय के सामने धरना स्थल पर तीन दिवसीय धरना शुरू किया। सरकार से जल्द उनकी मांगों का समाधान करवाने की मांग की। जिला कार्यक्रम अधिकारी को मांग पत्र सौंपा। प्रधान रूपा राणा, कोषाध्यक्ष जयप्रकाश शास्त्री व महासचिव उर्मिला रावत ने कहा कि यदि उनकी समस्याओं व मांगाें का जल्द हल नहीं निकाला गया तो उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार कम मानदेय में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से ज्यादा काम करा रही है। पोषण ट्रैकर से फेस कैप्चरिंग का कार्य, सेनेटरी नैपकिन वितरण का कार्य कार्यकर्ताओं से कराया जा रहा है। सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों का किराया व ईंधन भत्ता कम दे रही है। उनकी मांग है कि सरकार महिलाओं का शोषण बंद करें। प्रदर्शनकारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं ने कहा कि उन्हें पोषण ट्रैकर एप पर काम करने में परेशानी हो रही है। सरकार की ओर से इस एप को बंद करना चाहिए। हड़ताल के दौरान बर्खास्त कार्यकर्ता व सहायिकाओं का मानदेय जल्द जारी किया जाए। आंगनबाड़ी केंद्रों में राशन बनाने के लिए घरेलू गैस इस्तेमाल होती है। विभाग की ओर से पैसे न देने की बाद गैस सिलिंडर उपलब्ध कराना चाहिए। कार्यकर्ता से सुपरवाइजर की पदोन्नति बारे पत्र जारी किया जाए। खाली पड़े पदों पर तुरंत भर्ती की जाए। आंगनबाड़ी केंद्रों को यदि क्रेच में तब्दील किया जाता है तो केवल क्रेच का ही काम लिया जाए। कार्यकर्ताओं को तृतीय श्रेणी व सहायिकाओं को चतुर्थ श्रेणी कर्मी घोषित किया जाए।