फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के विरोध में नर्सिंग स्टाफ का धरना, 10 अक्तूबर तक मांगें नहीं मानीं तो वर्दी में ड्यूटी नहीं करने की चेतावनी

रेवाड़ी। स्वास्थ्य विभाग में लागू की जा रही मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के विरोध में नागरिक अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ ने दो घंटे धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। नर्सिंग ऑफिसर्स वेलफेयर एसोसिएशन नर्सिंग कैडर को इस पॉलिसी से बाहर रखने की मांग कर रही है। एसोसिएशन का कहना है कि नर्सिंग स्टाफ की ड्यूटी अन्य विभागों से अलग है, इसलिए उनके लिए अलग व्यवस्था होनी चाहिए। जिला प्रधान सुशीला यादव ने बताया कि नर्सिंग स्टाफ को सुबह, शाम और रात तीनों शिफ्ट में ड्यूटी करनी पड़ती है। कई स्वास्थ्य संस्थान शहर और गांवों से दूर हैं। ऐसे में दूर-दराज के स्थानों पर तबादला होने से महिला कर्मचारियों को परिवार से दूर रहने के साथ आने-जाने और सुरक्षा संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि नर्सिंग कर्मचारियों पर बच्चों, बुजुर्ग माता-पिता और परिवार की जिम्मेदारियां भी होती हैं। सुशीला यादव के अनुसार, ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के कारण कर्मचारियों पर मानसिक दबाव बढ़ सकता है। इसका असर उनकी ड्यूटी और मरीजों की देखभाल पर भी पड़ सकता है। पॉलिसी के विरोध में नर्सिंग स्टाफ 30 सितंबर और 1 अक्तूबर को काले बिल्ले लगाकर ड्यूटी कर चुका है। अब 5, 6 और 7 अक्तूबर को सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक दो घंटे की हड़ताल की जाएगी। नर्सिंग स्टाफ ने वाशिंग अलाउंस का मुद्दा भी उठाया है। सुशीला यादव ने कहा कि कर्मचारियों को करीब डेढ़ साल से वाशिंग अलाउंस नहीं मिला है। उन्होंने सरकार से लंबित राशि जारी करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि 10 अक्तूबर तक ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी और वाशिंग अलाउंस समेत अन्य मांगों पर सरकार ने सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो 10 अक्टूबर से नर्सिंग स्टाफ वर्दी पहनकर ड्यूटी पर नहीं आएगा। कर्मचारी सिविल ड्रेस में ड्यूटी कर विरोध जताएंगे। इसके बाद भी मांगों का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें