बावल। बिजली निगम के निजीकरण के विरोध में एचएसईबी कर्मचारियों ने कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने निजीकरण से संबंधित आदेश की प्रतियां जलाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। धरने की अध्यक्षता सुनील ने की। कर्मचारियों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए निजीकरण संबंधी आदेश वापस लेने और अपनी मांगें पूरी करने की मांग की। यूनियन के सचिव ने बताया कि अगस्त महीने में भी कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर तीन दिन तक धरना-प्रदर्शन किया था। उस समय सरकार की ओर से 10 अक्तूबर तक सभी मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया गया था। इसके बाद कर्मचारियों ने अपना धरना समाप्त कर दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि अब 19 अक्तूबर को निजीकरण से संबंधित नया आदेश जारी कर दिया गया है, जिससे कर्मचारियों में रोष है। उन्होंने कहा कि सरकार के इस फैसले से कर्मचारियों के हित प्रभावित होंगे। इसी के विरोध में कर्मचारियों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया और आदेश की प्रतियां जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया। यूनियन ने चेतावनी दी कि रात 10 बजे के बाद कर्मचारी तीन दिन की हड़ताल पर रहेंगे। यदि इस अवधि में उनकी मांगों पर सहमति नहीं बनी तो हड़ताल को अनिश्चितकाल तक बढ़ाया जाएगा। कर्मचारियों ने सरकार से अपना फैसला वापस लेने और पूर्व में किए गए वादों को पूरा करने की मांग की। प्रदर्शन में बलदेव, अमरजीत, हरीश, अरुण, रवि, अमित और विष्णु सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।