जिले में सोमवार सुबह घनी धुंध ने जनजीवन की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। करीब 10 दिन बाद एक बार फिर इतनी घनी धुंध देखने को मिली, जिससे दृश्यता महज 2 मीटर तक सिमट गई। सुबह तड़के से ही धुंध का असर दिखाई देने लगा, जो करीब 10 बजे तक बनी रही। धुंध के कारण सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए और आम लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। घनी धुंध की वजह से हाईवे और मुख्य सड़कों पर वाहनों की गति काफी धीमी रही। कई स्थानों पर वाहन चालकों को हेडलाइट और फॉग लाइट जलाकर चलना पड़ा। खासकर एनएच और ग्रामीण संपर्क मार्गों पर स्थिति ज्यादा खराब रही। सुबह के समय स्कूल जाने वाले बच्चों, कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों और किसानों को भी धुंध के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ट्रेन और बस सेवाओं पर भी धुंध का असर पड़ा, जिससे कुछ सेवाएं देरी से संचालित हुईं। खुले में काम करने वाले मजदूरों को ठंड और नमी के कारण परेशानी झेलनी पड़ी। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। धुंध और नमी के कारण ठंड का असर ज्यादा महसूस किया गया।