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पानीपत: उद्योगपतियों संग डीसी व निगम आयुक्त की अहम बैठक -औद्योगिक समस्याओं का प्राथमिकता से होगा समाधान, हर इंडस्ट्री बनाए अपनी एसओपी

पानीपत। जिमखाना क्लब पानीपत में हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स एवं पानीपत एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के बैनर तले जिला स्तरीय औद्योगिक संगठनों तथा विभिन्न प्रशासनिक विभागों के अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जिले में औद्योगिक विकास को रफ्तार देने, उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित समाधान तथा उद्योगों के लिए अधिक अनुकूल और सुगम वातावरण तैयार करने पर विस्तार से मंथन हुआ। डीसी डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने स्पष्ट किया कि उद्योग किसी भी जिले की अर्थव्यवस्था, रोजगार सृजन और समग्र विकास की मुख्य रीढ़ होते हैं। जिला प्रशासन की प्राथमिकता है कि उद्यमियों को अपनी दैनिक कार्यप्रणाली में किसी भी अनावश्यक लालफीताशाही या कठिनाई का सामना न करना पड़े और उनकी समस्याओं का तय समय-सीमा के भीतर समाधान हो। समस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश और आपात सुरक्षा के लिए एसओपी की अपील बैठक के दौरान विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे डीसी के समक्ष रखे। इनमें प्रमुख रूप से सड़कों की मरम्मत, निर्बाध बिजली आपूर्ति, शुद्ध पेयजल, सीवरेज नेटवर्क, स्ट्रीट लाइट, सफाई व्यवस्था, जल निकासी, अग्निशमन सुरक्षा प्रणाली और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़ी समस्याएं शामिल थीं। उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन समस्याओं के समाधान में एक से अधिक विभागों के बीच समन्वय की आवश्यकता है, वहां आपसी तालमेल स्थापित कर तुरंत कार्रवाई की जाए। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे औद्योगिक क्षेत्रों का नियमित दौरा करें और धरातल पर जाकर समस्याओं का जायजा लें। सुरक्षा के मुद्दे पर विशेष बल देते हुए डीसी ने सभी उद्योगपतियों से अपील की कि प्रत्येक इंडस्ट्री अपनी स्वयं की एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) अनिवार्य रूप से तैयार करे। इससे किसी भी संभावित दुर्घटना या अनहोनी की स्थिति में तुरंत और प्रभावी ढंग से काबू पाया जा सकेगा। इसके अलावा, उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, श्रम कानूनों के अनुपालन और सड़क सुरक्षा को औद्योगिक प्रबंधन का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया। प्रक्रियाओं का सरलीकरण और बेहतर प्रशासनिक समन्वय पर जोर उपायुक्त ने कहा कि हरियाणा सरकार उद्योगों के लिए व्यावसायिक सुगमता (इज ऑफ डुइंग बिजनेस) को बढ़ावा दे रही है। निवेश प्रस्तावों, लाइसेंसिंग, अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) तथा अन्य विभागीय प्रक्रियाओं को अत्यंत सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया गया है। नए उद्योगों की स्थापना और विस्तार के लिए उद्यमियों को हर संभव मार्गदर्शन दिया जा रहा है। बैठक में उपस्थित नगर निगम आयुक्त डॉ. पंकज यादव ने भी उद्योगपतियों को आश्वस्त किया कि नगर निगम से संबंधित किसी भी कार्य में उद्यमियों को परेशानी नहीं आने दी जाएगी। विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने इस तरह के संवाद आयोजन के लिए जिला प्रशासन का आभार जताया। इस समन्वय बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त अंकित चौकसे, एसडीएम मनदीप कुमार, नगराधीश टीनू पोसवाल, निगम संयुक्त आयुक्त मनी त्यागी, हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रधान विनोद धमीजा, ललित गोयल, विनोद खंडेलवाल, संदीप जिंदल, श्री भगवान अग्रवाल, राजेंद्र खुराना, रमेश वर्मा, भीम राणा, विभु पालीवाल, राजीव अग्रवाल मौजूद रहे।

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