फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सोनीपत में 9.33 एकड़ में बनेगा आधुनिक बस अड्डा, जाट जोशी में इलेक्ट्रिक बस स्टैंड का निर्माण शुरू

सोनीपत। शहर के बीच स्थित पुराने बस अड्डे पर जाम की समस्या से निजात दिलाने और यात्रियों को आधुनिक परिवहन सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए गांव जाट जोशी में नया बस अड्डा विकसित किया जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग-44 के पास 9.33 एकड़ जमीन पर प्रस्तावित इस परियोजना के तहत इलेक्ट्रिक बस स्टैंड का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है, जबकि मुख्य बस अड्डे के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है। यहां भविष्य में करीब 250 बसों के संचालन की योजना है। शुक्रवार को विधायक निखिल मदान ने रोडवेज महाप्रबंधक संजय कुमार, विभागीय अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों के साथ मौके का निरीक्षण किया। विधायक निखिल मदान ने बजट सत्र के दौरान सोनीपत के बस अड्डे को शहर से बाहर स्थानांतरित करने की मांग उठाई थी। इसके बाद सरकार ने नए बस अड्डे की घोषणा की। जुलाई में विधायक ने परिवहन मंत्री अनिल विज के साथ भी इस विषय पर चर्चा की थी। अब जाट जोशी में परिवहन सुविधाओं को विकसित करने की दिशा में काम आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रस्तावित परियोजना में करीब सात एकड़ जमीन पर मुख्य बस अड्डा विकसित किया जाएगा। इसके लिए डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया जारी है। डीपीआर तैयार होने के बाद टेंडर जारी कर निर्माण की अगली प्रक्रिया शुरू की जाएगी। वहीं, करीब 2.35 एकड़ जमीन पर 15.82 करोड़ रुपये की लागत से इलेक्ट्रिक बस स्टैंड और चार्जिंग स्थल का निर्माण शुरू हो चुका है। पुराना बस अड्डा शहर के बीच स्थित होने के कारण आसपास के मुख्य मार्गों पर अक्सर जाम की स्थिति बनती है। बसों की आवाजाही और यात्रियों की भीड़ के चलते वाहन चालकों को परेशानी होती है। नया बस अड्डा शहर से बाहर विकसित होने पर बस संचालन को व्यवस्थित करने और भविष्य की परिवहन जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है। इलेक्ट्रिक बसों की मरम्मत के लिए बनेगा वर्कशॉप ब्लॉक महाप्रबंधक संजय कुमार ने बताया कि इलेक्ट्रिक बस स्टैंड परिसर में बसों की मरम्मत के लिए वर्कशॉप ब्लॉक बनाया जाएगा। इसमें तीन बस-बे होंगे। दो मंजिला इमारत में महिलाओं के विश्राम कक्ष, लिफ्ट और प्रशासनिक ब्लॉक की व्यवस्था होगी। इसके अलावा पंप रूम और गार्ड रूम भी बनाए जाएंगे। परिसर में मजबूत चहारदीवारी, फुटपाथ, सीमेंटेड पार्किंग और फर्श का निर्माण होगा। इलेक्ट्रिक बसों की चार्जिंग मशीनरी के ऊपर शेड लगाया जाएगा। यात्रियों और कर्मचारियों की सुविधा के लिए पुरुषों, महिलाओं और दिव्यांगजनों के लिए अलग-अलग शौचालय बनाए जाएंगे। बसों की सफाई और धुलाई के लिए सीमेंटेड कंक्रीट प्लेटफार्म भी तैयार किया जाएगा। हरियाली, जल निकासी और सुरक्षा पर भी रहेगा जोर बस स्टैंड परिसर में ग्रीन बेल्ट विकसित कर पेड़-पौधे लगाए जाएंगे। बारिश के पानी की निकासी के लिए स्ट्रॉम वाटर लाइन और सीवरेज व्यवस्था के लिए अलग लाइन डाली जाएगी। परिसर में कैंटीन, विश्रामशाला, ईटीपी प्लांट, फायर टैंक और रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्वाइंट बनाए जाने की योजना है। पानी की जरूरत पूरी करने के लिए नया ट्यूबवेल और सबमर्सिबल पंप लगाया जाएगा। रोशनी के लिए हाईमास्ट लाइट टावर और सुरक्षा निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। दूसरे राज्यों के लिए सीधी बस सेवा की संभावना बस अड्डे का निर्माण सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत कराने की योजना है। यहां से दूसरे राज्यों और दूरदराज के क्षेत्रों के लिए सीधी बस सेवाएं शुरू करने की संभावना है। बस अड्डे के सामने राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर फुटओवर ब्रिज बनाने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है, जिसके लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से मंजूरी लेनी होगी। प्रस्तावित भवन में व्यावसायिक स्थान और दुकानें भी बनाई जाएंगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें