महेंद्रगढ़ में करीब 80 हजार की आबादी को पेयजल आपूर्ति करने वाली जल परियोजना के टैंकों की पिछले आठ सालों से सफाई नहीं हुई है। जलघर के चार टैंकों में दो से तीन फीट गाद, शैवाल, और मिट्टी जमा है, जिसमें जंगली घास तक उग आई है। टैंकों में पानी कम होने पर यह लापरवाही उजागर हुई। जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का दावा है कि हर साल सर्दियों में टैंकों की सफाई की जाती है, लेकिन मौजूदा हालात उनके दावों की पोल खोल रहे हैं।