महेंद्रगढ़ के गांव बचीनी में वीरवार को ग्राम पंचायत द्वारा अतिक्रमण हटाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इसको लेकर शुक्रवार सुबह जिन लोगों के मकान तोड़े गए थे, वह लघु सचिवालय में पहुंचे और नारेबाजी की। इसके बाद उपायुक्त के नाम ज्ञापन भी दिया गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई उनके घरों पर ही की गई है। जबकि अन्य लोगों ने भी अतिक्रमण कर रखा है, लेकिन उनसे कब्जा नहीं छुड़वाया गया। ज्ञापन में बताया गया कि ग्राम पंचायत की मिलीभगत से 19 जून को उनके मकानों को तोड़ा गया है। ग्रामीणों ने मांग की है कि सरंपच व पटवारी द्वारा जो गलत तरीके से उनके मकान तोड़े हैं, उसकी जांच की जाए। लघु सचिवालय में पहुंचे जीवन राम ने बताया कि करीब 40 घरों पर कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने एक दो फीट भी अतिक्रमण कर रखा था, उसका आगे तक मकान तोड़ दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक जाति विशेष को ही निशाना बनाया गया है। संदीप कुमार ने बताया कि जिन लोगों ने अवैध अतिक्रमण कर रखा था, उनका हटा दिया है, लेकिन इस कार्रवाई में भेदभाव किया गया है। सड़क के दूसरी तरफ अतिक्रमण करने वालों पर कार्रवाई नहीं की गई है। जिसकी वजह से उपायुक्त से न्याय की गुहार लगाने आए हैं। महिला साेनू ने बताया कि गरीब लोगों पर कार्रवाई की गई है। साथ ही महिला ने सरपंच पर ही अतिक्रमण करने का आरोप लगाया है। बता दें कि अतिक्रमण हटाने को लेकर पीडब्ल्यूडी की तरफ से नोटिस दिया गया था। जिसके बाद ग्रामपंचायत की तरफ से यह कार्रवाई की गई है। इस अवसर पर सुशीला देवी, धनपति, शारदा, मिन्टू, शकुंतला, सुमन, संतरा देवी, करतार सिंह, संदीप कुमार, देवेंद्र कुमार, कालूराम, थावरसिंह सहित अनेक लोग मौजूद रहे।