नारनौल। सिहमा कोऑपरेटिव सोसाइटी में तीन कर्मचारियों की नियुक्ति को लेकर विवाद गहरा गया है। ग्रामीणों और सोसाइटी सदस्यों ने नियमों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। सहकारिता विभाग के रजिस्ट्रार ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सोसाइटी के सदस्यों का आरोप है कि बोर्ड के सभी दस सदस्यों की सहमति के बिना तीन लोगों को नौकरी पर रखा गया। उन्हें यह भी नहीं बताया गया कि किन लोगों को नियुक्त किया गया और किस आधार पर। ग्रामीणों के अनुसार, वेतन के चेक भी चुपचाप काट दिए गए, जिससे गड़बड़ी की आशंका है। यह पहली बार नहीं है जब सोसाइटी के कामकाज पर सवाल उठे हैं। करीब छह महीने पहले कार्रवाई रजिस्टर डेढ़ महीने तक गायब रहा था। ग्रामीणों और किसान संगठनों ने उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग की है। सोसाइटी के सचिव अमर सिंह ने कहा कि नियुक्तियां कमेटी के प्रस्ताव पर हुई हैं। उन्होंने नियमों की अवहेलना से इंकार किया और बताया कि अभी तक किसी को वेतन नहीं दिया गया है। उप रजिस्ट्रार बंसीलाल ने कहा कि शिकायत मिली है इसकी जांच होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों की अवहेलना पाए जाने पर नियुक्तियां रद्द कर दी जाएंगी।