करनाल। 75वें अखिल भारतीय पुलिस कुश्ती प्रतियोगिता का समापन समारोह रविवार को पुलिस परिसर मधुबन स्थित वच्छेर स्टेडियम में किया गया। इस प्रतियोगिता का आयोजन 23 सितंबर से 27 सितंबर तक किया गया, इस खेल प्रतियोगिता में सीआईएसएफ की टीम ने 22 स्वर्ण, 08 रजत व 20 कांस्य पदक जीत कर प्रथम स्थान, उत्तर प्रदेश की टीम ने 14 स्वर्ण, 22 रजत व 16 कांस्य पदक जीत कर द्वितीय स्थान और बीएसएफ की टीम ने 11 स्वर्ण, 07 रजत व 13 कांस्य पदक जीत कर तृतीय स्थान प्राप्त किया गया हैं। इस प्रतियोगिता में देशभर की 37 टीमों के कुल 1,443 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। इनमें 1,051 पुरुष एवं 392 महिला खिलाड़ी शामिल रहे। खिलाड़ियों ने 81 स्वर्ण, 81 रजत एवं 131 कांस्य पदक जीतकर अपनी-अपनी पुलिस फोर्स और राज्यों का गौरव बढ़ाया है। प्रतियोगिता के सफल संचालन में 130 तकनीकी अधिकारियों ने भी भूमिका निभाई। प्रतियोगिता के दौरान आर्म रेसलिंग, बॉडी बिल्डिंग, बॉक्सिंग और कुश्ती के पुरुष एवं महिला वर्गों में खिलाड़ियों ने अपनी खेल प्रतिभा, शारीरिक क्षमता, अनुशासन और जुझारूपन का शानदार प्रदर्शन किया। पूर्व महानिदेशक, हरियाणा पुलिस बीएस संधु ने प्रतियोगिता का विधिवत समापन किया। खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए बीएस संधू ने कहा कि पुलिस परिसर मधुबन में विभिन्न खेलों के सफल आयोजन के लिए आधुनिक एवं व्यापक खेल सुविधाएं उपलब्ध हैं। परिसर में सिंथेटिक ट्रैक, कुश्ती, जूडो एवं वेटलिफ्टिंग हॉल, बॉक्सिंग रिंग, बैडमिंटन कोर्ट, ऑडिटोरियम, आधुनिक जिम, मल्टीपर्पज हॉल और गोल्फ कोर्स सहित खिलाड़ियों और अधिकारियों के ठहरने की समुचित व्यवस्था उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि यह हरियाणा पुलिस के लिए गर्व का विषय है कि हरियाणा पुलिस की ओर से अब तक विभिन्न प्रतिस्पर्धाओं में कुल 21 अखिल भारतीय पुलिस खेल प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि पिछले करीब 40 वर्षों में उन्होंने अनेक अखिल भारतीय पुलिस खेल प्रतियोगिताओं को देखा है और अपने कार्यकाल के दौरान स्वयं भी दो अखिल भारतीय पुलिस खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन का अवसर मिला। पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों का कल्याण हरियाणा पुलिस की प्राथमिकता बीएस संधू ने कहा कि हरियाणा पुलिस अपने पुलिसकर्मियों एवं उनके परिवारों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संवेदनशील और योजनाबद्ध तरीके से निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा पुलिस की ओर से अब तक 22 डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल स्थापित किए गए हैं, जिनमें लगभग 24 हजार बच्चे शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें वर्ष 1996 में अंबाला में पहला पुलिस स्कूल शुरू करने का अवसर मिला था और इन 22 स्कूलों के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इन स्कूलों में पुलिस कर्मचारियों के बच्चों को शिक्षा शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। साथ ही, बच्चों की खेल प्रतिभा को निखारने के लिए हरियाणा पुलिस में तैनात उच्च स्तर के खेल प्रशिक्षकों को विभिन्न स्कूलों में लगाया गया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022-23 से शहीद पुलिस कर्मचारियों एवं एसपी के बच्चों को इन स्कूलों में निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे और जघन्य अपराधों से दूर रखने में खेलों की महत्वपूर्ण भूमिका है। खेल युवाओं को अनुशासन, सकारात्मक सोच और स्वस्थ जीवनशैली की ओर प्रेरित करने का प्रभावी माध्यम है। इस मौके पर संयुक्त निदेशक आसूचना ब्यूरो एवं प्रतिनिधि अखिल भारतीय पुलिस खेल नियंत्रण बोर्ड रुचिका जैन, पुलिस महानिरीक्षक, करनाल रेंज, करनाल एवं अतिरिक्त कार्यभार, हरियाणा सशस्त्र पुलिस, मधुबन अश्विन शेणवी, महानिरीक्षक एवं सह आयोजन सचिव, 75वें अखिल भारतीय पुलिस कुश्ती समूह हामिद अख्तर, आईपीएस, आदेशक, पंचम वाहिनी, हरियाणा सशस्त्र पुलिस, मधुबन सुरेंद्र भौरिया, आईपीएस, आदेशक, प्रथम वाहिनी , हरियाणा सशस्त्र पुलिस अंबाला तानिया सिंह, पुलिस अधीक्षक करनाल कर्ण गोयल मौजूद रहे। बाॅक्स विभिन्न खेलों में विजेता एवं उपविजेता टीमों ने हासिल की ट्रॉफियां आर्म रेसलिंग के पुरुष एवं महिला वर्ग में उत्तर प्रदेश ने विजेता रही। वहीं पंजाब और राजस्थान ने क्रमश पुरुष एवं महिला वर्ग में उपविजेता ट्रॉफी हासिल की। बॉडी बिल्डिंग के पुरुष वर्ग में उत्तर प्रदेश विजेता रहा, जबकि सीआईएसएफ, पंजाब और केरल ने संयुक्त रूप से उपविजेता ट्रॉफी प्राप्त की। महिला वर्ग में महाराष्ट्र ने विजेता और असम ने उपविजेता ट्रॉफी हासिल की। बॉक्सिंग के पुरुष एवं महिला वर्ग में बीएसएफ ने विजेता ट्रॉफी पर कब्जा किया। पुरुष वर्ग में आईटीबीपी और महिला वर्ग में एसएसबी उपविजेता रहे। कुश्ती के पुरुष फ्री स्टाइल और ग्रीको-रोमन दोनों वर्गों में सीआईएसएफ ने विजेता और उत्तर प्रदेश ने उपविजेता ट्रॉफी हासिल की। वहीं, महिला फ्रीस्टाइल कुश्ती में बीएसएफ विजेता और सीआईएसएफ उपविजेता रहा। 392 महिला खिलाड़ियों की भागीदारी महिला सशक्तिकरण का सशक्त उदाहरण: बी.एस. संधु, पूर्व महानिदेशक, हरियाणा पुलिस समापन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि बीएस संधू ने कहा कि इस अखिल भारतीय पुलिस खेल प्रतियोगिता में 392 महिला खिलाड़ियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी अपने आप में महिला सशक्तिकरण का सशक्त उदाहरण है। आज महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं हैं। चाहे वह खेल का मैदान हो, युद्ध का मैदान हो अथवा सामाजिक एवं पारिवारिक जिम्मेदारियों का निर्वहन। उन्होंने कहा कि खेल केवल जीत और हार का नाम नहीं है, बल्कि यह अनुशासन, आत्मविश्वास, संघर्ष और निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। हार और जीत एक ही सिक्के के दो पहलू हैं, लेकिन जो खिलाड़ी निराशा को पीछे छोड़कर अपने लक्ष्य की ओर निरंतर बढ़ता रहता है, वह निश्चित रूप से सफलता प्राप्त करता है।