राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान संस्थान करनाल में चल रहे प्रकृति महोत्सव एवं डेयरी फार्मिंग 2025 के तीसरे दिन बच्चों को पाठ्यक्रम के अतिरिक्त अन्य पुस्तकों से जोड़ने का प्रयास किया गया। एसपी कांछी ने कहा बच्चों में जिज्ञासा का होना बहुत आवश्यक है। इंटरनेट हो या कंप्यूटर या फिर कोई भी मीडिया यह सभी सूचना के साधन हैं लेकिन ज्ञान का भंडार पुस्तकों में ही निहित है। जब हम पुस्तकों का अध्ययन करेंगे तो हमें व्यावहारिक और सांसारिक ज्ञान होगा। हम दूसरों को मान सम्मान दे पाएंगे और अपनी मान प्रतिष्ठा को समझ में स्थापित कर पाएंगे। हरियाणा पुलिस के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने भी कई सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। एनडीआरआई के निदेशक डॉक्टर धीर सिंह ने संस्थान की ओर से किए जा रहे शोध कार्यों और उपलब्धियां के बारे में विस्तार से बताते हुए बच्चों और वैज्ञानिकों को सीधे तौर पर प्रकृति से जोड़ने का आह्वान किया। इस मौके पर कई वैज्ञानिक उपस्थित रहे।