माई सिटी रिपोर्टर करनाल। हरियाणा में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर अभियान के बीच जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक तंत्र को कटघरे में खड़ा कर दिया है। एसआईआर ड्यूटी में तैनात एक सरकारी शिक्षक शुक्रवार दोपहर को रहस्यमय परिस्थितियों में अचानक लापता हो गया। इससे ठीक पहले उसने अपने साथी शिक्षक को एक सुसाइड नोट भेजा, जिसमें घरौंडा एसडीएम, तहसीलदार और एक सुपरवाइजर पर मानसिक उत्पीड़न, धमकाने और प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। नोट में लिखा कि वह इस उम्र में मानसिक दबाव नहीं झेल पा रहा और आत्महत्या कर रहा है। इसके जिम्मेदार एसडीएम, तहसीलदार और सुपरवाइजर हैं। शिक्षक के लापता होने के बाद उनके घर के पास उनकी कार, उसमें से दो मोबाइल मिलने और नोट के सामने आने के बाद पूरे प्रशासनिक महकमे में खलबली मच गई है। पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और शिक्षक की तलाश के लिए कई टीमें लगा दी गई हैं। पुलिस अब आसपास के सीसीटीवी तक खंगालने में जुटी है। बता दें कि लापता शिक्षक प्रदीप कुमार सेक्टर नौ में रहते हैं। वे पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कोहंड में हिंदी के प्रवक्ता हैं। उनकी ड्यूटी गांव कोहंड के बूथ नंबर-221 पर बीएलओ के रूप में लगी हुई थी। पिछले कई दिनों से वे एसआईआर अभियान में भी कार्यरत थे। मेरी कोई बात नहीं सुनी, सिर्फ धमकियां मिलीं : शिक्षक प्रदीप कुमार ने लापता होने से पहले अपने एक साथी शिक्षक को व्हाट्सएप पर एक नोट भेजा। इस नोट की स्वतंत्र पुष्टि अभी पुलिस द्वारा नहीं की गई है लेकिन इसमें लिखे आरोप बेहद गंभीर हैं। नोट के अनुसार, कल्पना चावला ऑडिटोरियम में हुई बैठक के बाद उन्हें घरौंडा के एसडीएम, तहसीलदार और सुपरवाइजर ने बुलाया। शिक्षक का आरोप है कि उनकी किसी समस्या को सुनने के बजाय उन्हें चारों तरफ से घेरकर धमकाया गया। नोट में लिखा गया है कि एसडीएम ने कहा कि वह उन्हें चार्जशीट कर देंगे...उन्हें नौकरी करनी सिखा देंगे... सारी जिंदगी वह स्पष्टीकरण देता घूमेगा... इतनी आसानी से नहीं बचेगा। शिक्षक ने लिखा कि वह 55 वर्ष की आयु में इस प्रकार का मानसिक दबाव सहन करने की स्थिति में नहीं हैं। पूरी रात तनाव में बीती और अब वह आत्महत्या जैसा कदम उठाने को मजबूर हैं। उन्होंने अपने इस कदम के लिए संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है। घर के बाहर मिली कार, दो मोबाइल बरामद : परिजनों के अनुसार शुक्रवार को प्रदीप कुमार घर से निकले थे। कुछ देर बाद उनकी कार सेक्टर-9 स्थित उनके घर के नजदीक कॉन्वेंट स्कूल के पास खड़ी मिली। कार के भीतर से दो मोबाइल फोन बरामद हुए, लेकिन शिक्षक का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने पूरे इलाके में सर्च अभियान शुरू कर दिया। परिजनों के अनुसार प्रदीप कुमार नियमित रूप से दयाल सिंह कॉलोनी स्थित भृगु एवं कपाली दरबार में माथा टेकने जाते थे। शुक्रवार को भी वह वहीं जाने की बात कहकर निकले थे लेकिन उसके बाद उनका कोई पता नहीं चला। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस, हर पहलू की जांच : घरौंडा थाना प्रभारी दीपक कुमार ने बताया कि पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। शिक्षक की तलाश प्राथमिकता है। उनके मिलने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी। साथ ही उनके द्वारा भेजे गए नोट और उसमें लगाए गए आरोपों की भी जांच की जाएगी। अभी तक परिवार की ओर से भी कोई शिकायत नहीं मिली है।