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करनाल : एनडीआरआई के 104वें स्थापना दिवस पर देश को समर्पित हुई कर्ण फ्राइज नस्ल, डेयरी क्षेत्र में खुलेंगे नए आयाम

माई सिटी रिपोर्टर करनाल। आईसीएआर-राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआई), करनाल के 104वें स्थापना दिवस समारोह में बुधवार को देश की डेयरी क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में विकसित कर्ण फ्राइज नस्ल को औपचारिक रूप से जनता को समर्पित किया गया। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद संजय भाटिया ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए इस नस्ल को देश के हर कोने तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यह नस्ल भारतीय परिस्थितियों के अनुरूप विकसित की गई है और डेयरी क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेगी। समारोह का आयोजन एनडीआरआई परिसर में किया गया जिसमें हरियाणा सहित विभिन्न राज्यों से आए किसान, वैज्ञानिक, विद्यार्थी और संस्थान के अधिकारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता एनडीआरआई के निदेशक डॉ. धीर सिंह ने की। राज्यसभा सांसद संजय भाटिया ने कहा कि एनडीआरआई ने चार दशकों के अनुसंधान के बाद कर्ण फ्राइज नस्ल विकसित कर देश को एक बड़ी सौगात दी है। उन्होंने कहा कि इस नस्ल का विस्तार देश के सभी राज्यों तक किया जाना चाहिए, ताकि पशुपालकों की आय में वृद्धि हो सके। उन्होंने कहा कि कृषि में विविधीकरण और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है तथा रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करनी होगी। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रहें, बल्कि गांवों में जाकर किसानों के बीच काम करें और उनकी वास्तविक समस्याओं को समझकर समाधान खोजने का प्रयास करें। समारोह में पद्मश्री डॉ. हरि ओम, आईसीएआर गवर्निंग बॉडी के सदस्य आर.के. सांगवान, महाराणा प्रताप उद्यानिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस.के. मल्होत्रा, जेल अधीक्षक लखबीर सिंह बराड़, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रवीण लाठर सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। ---- जेलों में भी स्थापित हों गौशालाएं सांसद संजय भाटिया ने कहा कि यदि हरियाणा की जेलों में डेयरी और गौशाला आधारित मॉडल विकसित किए जाते हैं तो इससे बंदियों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने करनाल जिला जेल में गौशाला निर्माण के लिए अपनी सांसद निधि से पांच लाख रुपये देने की घोषणा की। साथ ही उन्होंने प्रदेश की अन्य जेलों में भी इस मॉडल को लागू करने की बात कही। इस दौरान एनडीआरआई और करनाल जिला जेल प्रशासन के बीच गौशाला एवं डेयरी विकास से संबंधित एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर भी हस्ताक्षर किए गए। --- वीटा के साथ मिलकर स्थापित होंगे नए आयाम सांसद ने कहा कि वे हरियाणा वीटा और एनडीआरआई के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए बैठक आयोजित कराएंगे, ताकि डेयरी उत्पादों, प्रसंस्करण और निर्यात के क्षेत्र में नए अवसर विकसित किए जा सकें। उन्होंने महिला किसानों को डेयरी व्यवसाय से जोड़ने पर भी विशेष बल दिया। --- चार दशक के शोध के बाद विकसित हुई कर्ण फ्राइज नस्ल एनडीआरआई के पशु आनुवंशिकी एवं प्रजनन विभाग के प्रमुख डॉ. विकास वोहरा ने बताया कि कर्ण फ्राइज नस्ल को थारपारकर और होल्स्टीन फ्राइज़ियन नस्लों के वैज्ञानिक क्रॉसब्रीडिंग कार्यक्रम के माध्यम से विकसित किया गया है। यह नस्ल अधिक दुग्ध उत्पादन करने के साथ-साथ भारतीय जलवायु के अनुकूल भी है। संस्थान के निदेशक डॉ. धीर सिंह ने बताया कि भारत वर्तमान में लगभग 250 मिलियन टन दुग्ध उत्पादन के साथ विश्व में प्रथम स्थान पर है, लेकिन दूध की गुणवत्ता में सुधार की अभी भी काफी संभावनाएं हैं। उन्होंने एनडीआरआई की 104 वर्षों की उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला।

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