धान की सरकारी खरीद शुरू न होने से नाराज किसानों ने घरौंडा अनाज मंडी में मार्केट कमेटी कार्यालय पर ताला जड़ दिया और सरकार का पुतला फूंक कर विरोध प्रदर्शन किया। किसानों का आरोप है कि धान खरीद को लेकर सरकार झूठ बोल रही है और प्रदेश में अभी तक किसी भी किसान को धान का भुगतान नहीं हुआ है। किसानों के अनुसार, सरकार के ऐलान के अनुसार 29 सितंबर से मंडियों में धान की सरकारी खरीद शुरू हो जानी चाहिए थी, लेकिन किसान इन दावों को झूठा बता रहे हैं। धान की खरीद न होने से गुस्साए किसानों ने घरौंडा अनाज मंडी में प्रदर्शन किया। नारेबाजी करते हुए किसान मार्केट कमेटी कार्यालय पहुंचे और मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। भारतीय किसान यूनियन के नेता जगदीप औलख ने कहा कि मंडियों में धान की खरीद नहीं हो रही है। किसान कई दिनों से अपनी फसल बिकने का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी फसल में नमी की मात्रा अधिक बताकर खरीद नहीं कर रहे हैं, जबकि फसल में नमी की मात्रा 17 प्रतिशत से कम आ चुकी है। औलख ने यह भी कहा कि राइस मिलरों का रजिस्ट्रेशन नहीं हो रहा है, इसलिए वे मंडी नहीं आ रहे हैं। किसानों का मानना है कि उन्हें परेशान कर धान को कम दामों पर लूटने की तैयारी की जा रही है। किसानों ने बताया कि सीजन शुरू हो चुका है, बावजूद इसके फसल पोर्टल पर वेरिफाइड नहीं हुई है और किसानों को गेटपास नहीं मिल रहे हैं। सरकार द्वारा प्रति एकड़ 25 क्विंटल की लिमिट लगाए जाने को भी किसानों ने उन्हें तंग करने का काम बताया है। किसानों ने ऐलान किया है कि जब तक खरीद शुरू नहीं होती, उनका धरना जारी रहेगा।