प्रशासन की तरफ से आयोजित समाधान शिविर में जनता की समस्याओं का निपटारा करने के दावे तो किए जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर अधिकांश फरियादियों को अगली बार आने और दस्तावेज पूरे करने के आश्वासनों से ही संतोष करना पड़ रहा है। वीरवार को लघु सचिवालय में आयोजित शिविर में पहुंचे ग्रामीणों और बुजुर्गों ने अपनी व्यथा सुनाई, जिनमें राशन कार्ड कटने और वृद्धावस्था पेंशन रुकने के मामले सबसे अधिक रहे। शिविर की शुरुआत में अधिकारियों ने शिकायतें सुनी और तुरंत संबंधित को समाधान के निर्देश दिए। कई लोगों का आरोप था कि वे महीनों से दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन यहां भी उन्हें यह कहकर टाल दिया गया कि अगली बार जरूरी दस्तावेजों के साथ आना, समाधान हो जाएगा। सरकारी तकनीकी खामियों और पोर्टल की समस्याओं के कारण पात्र लोग अपनी पेंशन बहाली के लिए भटकने को मजबूर हैं।