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जींद: एक सप्ताह से अटकी धान खरीद, डिप्टी स्पीकर ने मौके पर कराया समाधान

जींद। नई अनाज मंडी में खरीद आदेश जारी होने के करीब एक सप्ताह बाद भी पीआर धान की सरकारी खरीद शुरू नहीं होने का मामला मंगलवार को हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा के हस्तक्षेप के बाद आगे बढ़ा। मंडी पहुंचकर उन्होंने किसानों, आढ़तियों और अधिकारियों से खरीद की स्थिति जानी और अपने सामने धान की नमी जांच करवाकर निर्धारित मानकों पर खरी उतरने वाली करीब 251 क्विंटल धान की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू करवाई। डॉ. मिड्ढा दोपहर मार्केट कमेटी कार्यालय में पहुंचे तो वहां पर आढ़तियों ने बताया कि हैफेड को पीआर धान खरीद के आदेश मिले करीब एक सप्ताह हो चुका है, लेकिन चावल मिल अलॉट नहीं होने के कारण खरीद और उठान की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पा रही। इस पर डिप्टी स्पीकर ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के मुख्यालय के उच्च अधिकारी से फोन पर बातचीत कर चावल मिल अलॉट करने के निर्देश दिलवाए, ताकि खरीद के साथ उठान भी शुरू हो सके। डिप्टी स्पीकर ने बाजरे की ढेरी का भी निरीक्षण किया और निर्धारित मानकों पर खरा उतरने वाले बाजरे की एमएसपी पर खरीद का आश्वासन दिया। इसके बाद उन्होंने गेट नंबर-2 स्थित अटल कैंटीन में बैठकर खाना खाया और भोजन की गुणवत्ता व व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक राजेश आर्य देरी से पहुंचे तो डिप्टी स्पीकर ने कहा कि जब आपको समय से आने के बारे में जानकारी दी गई थी तो लेट क्यों आए। इस पर अधिकारी ने जवाब दिया कि डीएम आए हुए थे। उनको कुछ काम हो गया था। इस अवसर पर डीसी डॉ. वैशाली शर्मा, एसडीएम सत्यवान मान, डीएफएससी राजेश आर्य, हैफेड के डीएम अनुराग गुप्ता, प्रबंधक रतनदीप, मार्केट कमेटी अध्यक्ष मनीष उर्फ बबलू गोयल, सचिव संजीव जांगड़ा, आढ़ती और किसान मौजूद रहे। नमी जांची तो तीनों ढेर सरकारी मानक पर मिले सही बैठक के बाद डिप्टी स्पीकर किसानों की पीआर धान के तीन ढेरों पर पहुंचे। डिजिटल नमी मापक मशीन से उनके सामने जांच करवाई गई। एक ढेर में 15, दूसरे में 14 और तीसरे में 12 प्रतिशत नमी मिली। निर्धारित अधिकतम 17 प्रतिशत नमी सीमा के भीतर होने पर उन्होंने हैफेड अधिकारियों को नियमानुसार खरीद के निर्देश दिए। इसके बाद करीब 251 क्विंटल धान की एमएसपी पर खरीद हुई। दूसरे जिलों के किसानों को भी जींद मंडी में फसल लाने की अनुमति की मांग आढ़तियों ने दूसरे जिलों के सीमावर्ती गांवों के किसानों की पीआर धान भी जींद मंडी में खरीदने की अनुमति देने की मांग रखी। उन्होंने बताया कि प्याऊ माजरा, कागसर, मिर्चपुर और राजथल सहित कई गांव प्रशासनिक रूप से दूसरे जिलों में हैं, लेकिन जींद के नजदीक होने के कारण किसान वर्षों से यहां फसल लाते रहे हैं। इस बार उन्हें दूसरी मंडियों में जाने में परेशानी हो रही है। डीसी ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से इस संबंध में उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा जा चुका है। डिप्टी स्पीकर ने भी मामला सरकार के समक्ष रखने का आश्वासन दिया। खरीद शुरू हुई, लेकिन बारदाने और उठान की चुनौती बरकरार मंडी में खरीदी गई धान के लिए मंगलवार को बारदाना उपलब्ध नहीं हो पाया। इसलिए 251 क्विंटल धान खरीद के बावजूद ढेर के रूप में पड़ी रही। आढ़तियों ने जल्द बारदाना उपलब्ध करवाकर पैकिंग और तौल कराने की मांग की। साथ ही उठान की व्यवस्था तत्काल करने की मांग उठाई, क्योंकि धूप में फसल पड़े रहने से वजन घटने की आशंका है।

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