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जींद में किसानों की ललकार रैली, सरकार की नीतियों के खिलाफ गूंजा विरोध

शाहिल शर्मा Updated Tue, 31 Mar 2026 05:37 PM IST

राज्य स्तरीय ललकार रैली में मंगलवार को हजारों किसानों ने नई अनाजमंडी में एकजुट होकर राज्य व केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। हरियाणा संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के बैनर तले आयोजित इस रैली में किसानों ने फसल बिक्री पर लगाए जा रहे नए निर्देशों का कड़ा विरोध जताया और इन्हें किसान विरोधी व दमनकारी बताया। रैली में वरिष्ठ किसान नेता जोगेंद्र सिंह उगराह ने हरियाणा सरकार पर धान खरीद में बड़े घोटाले को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रभावशाली लोगों पर कार्रवाई करने के बजाय सरकार किसानों पर अनुचित शर्तें थोप रही हैं। इससे उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है। सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव में किसानों ने साफ कहा कि वह इन नई शर्तों को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेंगे और सरकार से इन्हें तुरंत वापस लेने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों के हितों और देश की खाद्य सुरक्षा के साथ समझौता कर रही है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वह अपने अधिकारों और संप्रभुता की रक्षा के लिए संघर्ष को तेज करें। अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह ने बिजली के निजीकरण और बीज क्षेत्र में कॉर्पोरेट दखल की नीति की आलोचना की। उन्होंने कहा कि ये कदम कृषि क्षेत्र के लिए घातक साबित होंगे। साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मुद्दों का जिक्र करते हुए निर्दोष लोगों पर हो रहे हमलों की निंदा की और इस पर सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए। हाल ही में मानसून के दौरान आई बाढ़ से किसानों को हुए भारी नुकसान का मुद्दा उठाते हुए सरकार के रवैये को असंवेदनशील बताया। उन्होंने कहा कि प्रभावित किसानों को अभी तक पर्याप्त राहत नहीं मिली है। रैली में मास्टर बलबीर सिंह, कंवरजीत सिंह, सुखदेव जम्मू, रतन मान, सूबेदार रणबीर, विकास सीसर, सुखविंदर सिंह, मास्टर सतीश, तेजेंद्र, हंस राज राणा, कैप्टन रणधीर चहल, सुरजीत सिंह और सुमित समेत कई किसान नेता मौजूद रहे।

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