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जींद: आईएमटी के लिए बिना किसानों की सहमति से हुए पंजीकरण के विरोध में आए किसान

शाहिल शर्मा Updated Thu, 09 Oct 2025 09:45 PM IST

आईएमटी परियोजना को लेकर लगभग 12 गांवों के किसान वीरवार को डीसी मोहम्मद इमरान रजा से लघु सचिवालय में मिले। किसानों ने डीसी के समक्ष अपनी समस्याएं रखी। इस पर डीसी ने बताया कि उनकी सहमति के बिना भूमि का अधिग्रहण नहीं होगा। इस दौरान किसानों को डीसी ने कहा कि किसानों को किसी के भी बहकावे में आने की आवश्यकता नहीं है। किसानों की सहमति से ही उनकी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा। किसानों की जो भी मांगे है। उन्हें सरकार तक पहुंचाने का काम किया जाएगा। ई- भूमि पोर्टल पर इच्छुक किसान नए सिरे से जमीन का पंजीकरण करवा सकते हैं और पंजीकरण के साथ- साथ जमीन की कीमत का भी ब्योरा अपलोड कर सकते हैं। किसानों की हर शकांओं को दूर किया जाएगा। जिस भी गांवों में भूमि पंजीकरण की प्रक्रिया होगी वह किसानों की सहमति से होगी। प्रशासन किसानों के साथ है। अगर किसानों को कोई समस्या है तो तुरंत प्रशासन के संज्ञान में लाए। हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) के अधिकारियों को इस विषय पर आवश्यक दिशा निर्देश भी डीसी ने जारी किए हैं। जिले में आईएमटी के लिए बिना किसानों की सहमति के जमीन का पंजीकरण होने का किसानों ने आरोप लगाया था। इसको लेकर किसानों ने विरोध प्रदर्शन भी किया और डीसी को शिकायत दी थी। इसके बाद डीसी ने किसानों को 15 दिन का समय दिया था। जिसके चलते किसानों ने उस अधिकारी पर भी कार्रवाई की मांग की थी। जिसने बिना मंजूरी के जमीन का पंजीकरण करवाया। इस पर डीसी ने जांच का आश्वासन भी दिया।

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