झज्जर। नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा व सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर नगर परिषद झज्जर के सभी सफाई कर्मचारी 15वें दिन भी हड़ताल पर रहे। हड़ताल के कारण शहर के मुख्य मार्गों, कालोनियों व बाजारों में सफाई नहीं हो पा रही। इसके अलावा डंपिंग साइटों से भी कूड़ा नहीं उठ पा रहा। कूड़ा अब सड़कों तक पहुंच गया है। इस कारण आवागमन करने वाले लोगों व वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अब तक लगभग 150 टन कूड़ा शहर की सड़कों, कालोनियों में पड़ा है। नगर परिषद के 109 सफाई कर्मचारी 15 दिन से हड़ताल पर हैं। अब उन्होंने अपनी हड़ताल को 24 अगस्त तक आगे बढ़ा दिया है। शुक्रवार को रिटायर कर्मचारी संघ से राजेंद्र जुलाना, रमेश जाखड़, विष्णु जांगड़ा, जगबीर राहड, राम भजन, सुखबीर ने हड़ताल का समर्थन किया। इसकी अध्यक्षता इकाई प्रधान शिवम चावरिया ने की। उन्होंने बताया कि 13 मई 2026 में संघ व सरकार के बीच हुए समझौते को सरकार लागू करें, फरीदाबाद अग्निकांड में शहीद हुए कर्मचारियों के परिवार को एक-एक करोड़ रुपये व सरकारी नौकरी दी जाए, पैरोल के सफाई कर्मचारी व सीवरमैन को पक्का किया जाए, झज्जर के 2014 में हटाए हुए 61 कर्मचारियों को ड्यूटी पर वापस ली जाए, ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर सफाई कर्मचारियों को 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए और ठेका प्रथा बंद किया जाए, सेवानिवृत होने पर कर्मचारियों को 10 लाख रुपये दिए जाएं। इकाई सचिव विकास उज्जैनवाल ने बताया कि बहादुरगढ़ में झज्जर जिले के प्रधान राजेंद्र तुषामड व सफाई कर्मचारियों व यूनियन के पदाधिकारियों के साथ विधायक राजेश जून ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया और कर्मचारियों की भावनाओं को ठेस पहुंचने का काम भी किया है। कर्मचारियों की मांगे जायज है। कर्मचारी अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। कर्मचारी हड़ताल पर जाने को खुश नहीं थे, लेकिन हरियाणा सरकार ने कर्मचारियों को मजबूर किया है, इसलिए कर्मचारी मजबूर होकर हड़ताल पर गए हैं। इस कारण कर्मचारियों में काफी आक्रोश भरा हुआ है। उन्होंने बताया शनिवार को विधायक राजेश जून का पुतला भी दहन किया जाएगा। इस मौके पर जिला सचिव गौरव, ऑडिटर कृष्ण, सलाहकार सुरेश, सह सचिव बबली, महिला उप प्रधान कमलेश, प्रचार सुचारक मनीषा, शीतल, रानी, दया, सुषमा, सुमित्रा, सीमा मौजूद रहे।