कर्मचारियों की कथित लापरवाही के चलते गांव भापड़ौदा निवासी सुरेश और उसके परिवार को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। परिवार की फैमिली आईडी में 3 लाख रुपये से अधिक की आय दर्ज होने के कारण उनका बीपीएल कार्ड कट गया। इतना ही नहीं परिवार का बिजली बिल भी करीब 1 लाख 64 हजार रुपये का आने की बात सामने आई है। फैमिली आईडी में अधिक आय दर्ज होने के चलते प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि भी वापस हो गई। अपनी समस्या को लेकर सुरेश अपने परिवार के साथ समाजसेवी नवीन जय हिंद के नेतृत्व में झज्जर जिला उपायुक्त वर्षा खांगवाल से मिलने पहुंचे। इस दौरान नवीन जय हिंद ने पीड़ित परिवार की समस्या को जिला उपायुक्त के सामने रखा और फैमिली आईडी में दर्ज आय को सही करवाने तथा सरकारी योजनाओं का लाभ दोबारा दिलाने की मांग की। पीड़ित परिवार ने बताया कि फैमिली आईडी में अधिक आय दर्ज होने के कारण उन्हें लगातार सरकारी सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा है। परिवार का आरोप है कि वास्तविक स्थिति अलग होने के बावजूद रिकॉर्ड में अधिक आय दर्ज कर दी गई,जिसके कारण बीपीएल कार्ड सहित अन्य सरकारी लाभ प्रभावित हुए हैं। मामले को गंभीरता से सुनने के बाद जिला उपायुक्त वर्षा खांगवाल ने परिवार को समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। वहीं, नवीन जय हिंद ने संबंधित कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि रिकॉर्ड में गलत आय दर्ज किए जाने का खामियाजा गरीब परिवारों को भुगतना पड़ रहा है।नवीन जय हिंद ने कहा कि झज्जर समेत हरियाणा के कई हिस्सों में फैमिली आईडी में अधिक आय दिखाए जाने की वजह से गरीब लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की ओर से लगाए जाने वाले समाधान शिविरों के बावजूद आम लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा और लोग अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। उन्होंने सरकार और जिला प्रशासन से मांग की कि इस प्रकार की लापरवाही करने वाले कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जब तक लापरवाही करने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई नहीं होगी,तब तक व्यवस्था में सुधार करना मुश्किल है।