बहादुरगढ़। झज्जर रोड पर मंडी में किसानों के लिए आरक्षित किसान शेड पर अवैध कब्जे का मामला एक बार फिर गरमा गया है। भारतीय किसान यूनियन (अ) ने शेड को अतिक्रमण मुक्त कराने और वहां स्थायी सुरक्षा व्यवस्था करने की मांग उठाई है। संगठन के प्रदेश प्रवक्ता प्रवीन दलाल के नेतृत्व में किसानों ने एसडीएम बहादुरगढ़, डीसी झज्जर, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड पंचकूला के मुख्य प्रशासक और मार्केट कमेटी सचिव को मांग पत्र भेजा है। किसान दिनेश राठी, प्रवीण कुमार, सुभाष तहलान, सुरेंद्र, रमेश दलाल, रविंद्र कुमार, सत्यवान, अजय डागर, दिलबाग सिंह, दीपक दहिाय, नर सिंह, कुलदीप सिंह, रोहतास, प्रदीप बुपनियां ने आरोप लगाया कि किसान शेड पर बाहरी और फुटकर विक्रेताओं द्वारा दिन-रात कब्जा किया जा रहा है। मंडी प्रशासन की ओर से शेड खाली करवाने के बाद कुछ ही समय में दोबारा रेहड़ियां और सामान लगा दिए जाते हैं। इससे किसानों को अपनी उपज रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल पा रही है। मांग पत्र में किसानों ने सिविल कोर्ट बहादुरगढ़ में चल रहे केस का हवाला दिया है। किसानों के अनुसार 26 अक्तूबर 2020 को मामले में आदेश के दौरान मार्केट कमेटी के सुपरवाइजर ने बयान दिया था कि किसान शेड केवल किसानों के लिए आरक्षित रहेगा और किसी बाहरी या फुटकर विक्रेता को वहां जगह नहीं दी जाएगी। किसानों का आरोप है कि इसके बावजूद शेड पर कब्जे की स्थिति बनी हुई है। खुले में फसल रखने से नुकसान किसानों का कहना है कि शेड में जगह नहीं मिलने के कारण उन्हें अपनी सब्जियां और अन्य कृषि उपज खुले में रखनी पड़ती है। धूप और बारिश में फसल खराब होने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। कई किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए दूर-दराज की दूसरी मंडियों में जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। सुबह चार से दोपहर 12 बजे तक सुरक्षा की मांग किसानों ने किसान शेड के बाहर स्पष्ट चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की है। बोर्ड पर शेड को केवल किसानों के लिए आरक्षित होने और अवैध कब्जे पर कानूनी कार्रवाई व जुर्माने की जानकारी देने की मांग की गई है। इसके अलावा सुबह चार बजे से दोपहर 12 बजे तक होमगार्ड या पीसीआर की स्थायी ड्यूटी लगाने की मांग की गई है। किसानों ने अवैध रेहड़ियों और सामान को जब्त करने तथा बार-बार कब्जा करने वालों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने की एफआईआर दर्ज करने की मांग की। साथ ही दोबारा कब्जा मिलने पर संबंधित मंडी सुपरवाइजर और अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई करने की मांग भी उठाई है। -