भारतीय किसान संघ ने आगामी धान की खरीद सहित अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और एडीसी को ज्ञापन सौंपा। संघ के अध्यक्ष धर्मबीर गुलिया ने बताया कि धान की फसल किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। खरीद प्रक्रिया में देरी एवं मंडियों में अव्यवस्था के कारण किसानों को आर्थिक नुकसान और अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने मांग की कि हरियाणा में कम अवधि वाली धान की फसल की रोपाई 15 जून से शुरू हो जाती है और लगभग तीन माह में फसल पक कर तैयार हो जाती है। ऐसे में अनेक क्षेत्रों में 15 सितंबर तक धान मंडियों में पहुंचना शुरू हो जाता है। इसलिए किसानों के हित में धान की सरकारी खरीद 15 सितंबर से शुरू की जाए ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े। वर्तमान समय में लगभग 95% प्रतिशत धान की कटाई कंबाईन मशीनों से होती है। कंबाईन से कटाई के बाद धान में नमी की मात्रा अधिक रहने की संभावना होती है। इसलिए किसानों की वास्तविक स्थिति को ध्यान में रखते हुए धान में स्वीकार्य नमी की सीमा 17 प्रतिशत से बढ़ाकर 20% प्रतिशत की जाए। . मंडियों में धान उठान वाले ठेकेदार की लापरवाही के कारण मण्डीयों में अक्सर जाम जैसी स्थिति पैदा हो जाती है, जिससे किसानों को अपनी फसल उतारने और बेचने में भारी परेशानी होती है। इसलिए धान उठान की जिम्मेदारी आढ़तियों को दी जाए ताकि मंडियों से फसल का समय पर उठान सुनिश्चित हो सके और किसानों को अनावश्यक परेशानी एवं शोषण से राहत मिले। सभी मंडियों में डिजिटल मॉश्चर मापक मशीन उपलब्ध करवाई जाएं।