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हांसी में चीनी के दामों में अचानक उछाल, 44 से 65 रुपये किलो पहुंची कीमत; रक्षाबंधन-जन्माष्टमी से पहले महंगी हुई चीनी

Naveen Updated Thu, 20 Aug 2026 01:49 PM IST

देशभर के बाजारों में चीनी के दामों में अचानक भारी उछाल देखने को मिल रहा है। कुछ समय पहले तक करीब 44 रुपये प्रति किलो बिकने वाली चीनी के दाम अब बढ़कर 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। पहले कीमत करीब 52 रुपये तक पहुंची और पिछले एक-दो दिनों में अचानक तेजी के बाद कई बाजारों में फुटकर भाव 65 रुपये किलो हैं। आपको बता कि थोक बाजारों में भी चीनी के भाव में तेज बढ़ोतरी हुई है। कारोबारियों के मुताबिक थोक मंडियों में कीमतें 6500 से 6600 रुपये प्रति क्विंटल के पार पहुंच गई हैं। अचानक आई इस तेजी ने व्यापारियों के साथ-साथ आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि चीनी मिलों के पास पुराना स्टॉक काफी कम हो गया है। आगामी पेराई सत्र शुरू होने में अभी समय है, ऐसे में बाजार में नई चीनी की आवक सीमित है। वहीं, गन्ने और उससे जुड़े उत्पादन के एक हिस्से का एथेनॉल निर्माण में इस्तेमाल होने को भी चीनी की उपलब्धता और कीमतों से जोड़कर देखा जा रहा है। त्योहारी सीजन से ठीक पहले चीनी के दामों में आई तेजी ने परेशानी और बढ़ा दी है। रक्षाबंधन, जन्माष्टमी और आगे दिवाली जैसे बड़े त्योहार हैं, जिनके दौरान मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों में चीनी की मांग बढ़ जाती है। मांग बढ़ने के साथ बाजार में जमाखोरी और अटकलों की आशंका भी जताई जा रही है। चीनी महंगी होने का सीधा असर घर की रसोई पर पड़ रहा है। चाय, दूध से लेकर रोजमर्रा के खाने-पीने की चीजों में इस्तेमाल होने वाली चीनी महंगी होने से परिवारों का मासिक बजट गड़बड़ा गया है। पहले से ही आटा, दाल, तेल और सब्जियों की बढ़ती कीमतों से परेशान लोगों के लिए चीनी की अचानक बढ़ी कीमत एक और बड़ा झटका है। वहीं चाय की दुकानों पर भी इसका असर दिखाई देने लगा है। चाय विक्रेता भप्पी जैन का कहना है कि चीनी महंगी होने से चाय की लागत बढ़ गई है और ग्राहक भी कम आने लगे हैं। उनका कहना है कि रोजमर्रा की खाद्य वस्तुओं के लगातार महंगे होने का सीधा असर छोटे दुकानदारों के कारोबार पर पड़ रहा है। चीनी व्यापारी संदीप सिंगला ने बताया कि थोक मंडी में ही चीनी के भाव तेजी से बढ़कर करीब 45 से 64 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। इसमें परिवहन और अन्य खर्च जोड़ने के बाद फुटकर बाजार में 65 रुपये किलो तक बिक्री हो रही है। उनका कहना है कि यदि बाजार में आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो आने वाले त्योहारों के दौरान चीनी के दाम और बढ़ सकते हैं। चीनी महंगी होने का असर केवल घरेलू बजट तक सीमित नहीं है। हलवाइयों, मिठाई कारोबारियों और चाय दुकानदारों की लागत भी बढ़ गई है। चीनी के दाम बढ़ने से बुरा, खांड, बताशे और अन्य मिठाइयों के दामों पर भी असर पड़ने की संभावना है। यानी त्योहारों से पहले चीनी की कीमतों में आई अचानक तेजी ने आम आदमी से लेकर छोटे कारोबारियों तक की चिंता बढ़ा दी है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि बाजार में चीनी की आपूर्ति कब सामान्य होती है और बढ़े हुए दामों से लोगों को कब राहत मिलती है।

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